अचानक मोबाइल देखा और पता चला आउट ऑफ बैटरी? कोई दिक्कत नहीं सिर्फ एक मैसेज भेजिए! जी हां, जो लोग बिना बिजली के रहते हैं या जहां बिजली की समस्या ज्यादा होती है, वे अपना फोन सिर्फ एक टेक्स्ट मैसेज भेजकर चार्ज कर सकते हैं। लंदन स्थित कंपनी बुफेलो ग्रिड ने एक सोलर-पावर सेलफोन चार्जिंग स्टेशन प्रस्तुत किया है जो टेक्स्ट मैसेज से एक्टिवेट हो जाएगा। बिजली की समस्या वाले क्षेत्रों विशेषकर अफ्रीका और एशिया के विकासशील देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल फोन चार्ज करने की समस्या से निजात पाई जा सकती है, जहां सेलफोन का प्रयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है।युगांडा में प्रयोग शुरू
'न्यूसाइंटिस्ट" की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की इस बेसिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग युगांडा में किया जा रहा है। जो बिजली न होने की स्थिति में फोन चार्ज करने की समस्या को सुलझा सकती है।
कैसे मिलेगी पावर
यह बैटरी सोलर पैनल के जरिए पावर लेगी। इस सोलर पैनल में जो तकनीक उपयोग की गई है, वह मेक्सिमम पावर पॉइंट ट्रेकिंग (एमपीपीटी) है, जिससे 60 वॉट की एक सोलर पैनल एक बैटरी को आसानी से चार्ज कर सकती है।
सोलर पैनल का पावर आउटपुट पर्यावरणीय स्थितियों से निर्धारित होगा। जैसे तापमान, सूर्य की रोशनी की मात्रा। यहां तक की सर्किट का रेजिस्टेंस भी इससे जुड़ा होगा।
किसी भी समय पर अधिकतम जरूरी पावर आउटपुट निश्चित करने के लिए एमपीपीटी सारी परिस्थितियों और रेजिस्टेंस में परिवर्तन को मॉनिटर करेगा। यह इनोवेशन बताएगा कि स्टोर पावर किसी फोन को चार्ज करने के लिए कैसे रिलीज होती है।
इसके तहत एक कस्टमर इसके लिए टेक्स्ट मैसेज भेजेगा। जिसकी कीमत युगांडा में 110 शिलिंग्स है। डिवाइस को मैसेज मिलने पर इसमें बैटरी के सॉकअप पर लगी एक एलईडी चमक उठेगी, जो यह बताएगी कि यह किसी फोन को चार्ज करने के लिए तैयार है।
युगांडा में कोनोकोई कॉफी कोऑपरेटिव पर प्रति टेक्स्ट मैसेज पर किसी फोन को चार्ज करने का समय तकरीबन 1.5 घंटा होगा। पूरी तरह से चार्ज बुफालो ग्रिड यूनिट में 10 चार्जिंग पॉइंट्स हंै जो 30 से 50 फोन को प्रतिदिन चार्ज कर सकती हैं।
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