सोमवार, 4 नवंबर 2013

नींद में खलल अल्जाइमर्स का संकेत!

 नींद में खलल, नींद पूरी नहीं होना अथवा पूरी तरह सो नहीं पाना अल्जाइमर्स बीमारी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। एक नए अध्ययन में यह चेतावनी
दी गई है। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसीन के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि उन लोगों में नींद डिस्टर्ब हो सकती हैं, जिनमें अल्जाइमर्स के शुरुआती लक्षण उभर रहे हैं, भले ही उनमें अभी स्मरण शक्ति खोने अथवा दिमाग से जुड़ी अन्य गतिविधियों में शिथिलता नहीं आई हो। जब अल्जाइमर्स पूरी तरह जकड़ लेता है, तब स्मरण शक्ति खोने या अन्य दिमागी सचेतना भंग होने की स्थिति आती है।
पहले भी कहा गया है
पूर्व में किए गए अध्ययनों में भी अनुसंधानकर्ताओं ने नींद का अल्जाइमर्स से संबंध होने की ओर इशारा किया है। चूहों पर किए गए इन अध्ययनों में पाया गया कि स्लीप लॉस और ब्रेन प्लैक के बीच लिंक होती है। ब्रेन प्लैक को अल्जाइमर्स डिसीज का हालमार्क माना जाता है। हालांकि यह भी कहा गया कि दोनों के बीच संबंध दोनों दिशाओं में भी हो सकता है अर्थात अल्जाइमर्स के कारण नींद नहीं आती है अथवा नींद नहीं आने के कारण अल्जाइमर्स होता है।
मददगार होगा निष्कर्ष
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ न्यूरोलॉजी के प्रमुख और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक डेविड एम. हॉल्टमैन का कहना है कि नींद और अल्जाइमर्स के बीच इस लिंक से अल्जाइमर्स के संकेत को डिटेक्ट करने में मदद मिलेगी।
अल्जाइमर्स में होती है नींद की समस्या
अल्जाइमर्स के मरीजों में नींद की समस्या होती ही है लेकिन वैज्ञानिकों ने अब यह संदेह जताना भी शुरू कर दिया है कि नींद नहीं आने के कारण भी अल्जाइमर्स हो सकता है।
   यह ठीक वैसा ही है, जैसे कब्ज के कारण पेट की बीमारियां होती हैं और बाद में बीमारियों के कारण कब्ज रहने लगता है। जर्नल जेएएमए न्यूरोलॉजी में प्रकाशित यह अध्ययन इस मायने में नया है कि इसमें अल्जाइमर्स बीमारी के शुरुआती लक्षणों को नींद में खलल से जोड़ा गया है।  

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