सोमवार, 4 नवंबर 2013

पेस्टीसाइड्स के कारण भी होती है डाइबिटीज

 भोजन, हवा और पानी के साथ इंसानी शरीर में जाने वाली पेस्टीसाइड्स डाइबिटीज का कारण बनती है। यह सभी लोगों पर एक समान असर करती है, चाहे वह किसी भी एज ग्रुप, जेंडर यार बॉडीमास इंडेक्स का हो।
स्पेन में हुए एक शोध से यह खुलासा हुआ है। यह तत्व बॉडी फेट पर हमला करता है और शायद इसीलिए मोटे लोगों में डाइबिटीज का खतरा ज्यादा रहता है। ग्रांडा फाउंड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादा फैट होने की वजह से इसमें पेस्टीसाइड्स ज्यादा सघनता से जमा हो जाती है। पेस्टीसाइड्स डीडीटी में पाए जाने वाले मुख्य तत्व मेटाबोलाइट डीडीई के कारण आम लोगों की तुलना में मोटे लोगों में टाइप-2 डाइबीटिज पैदा करने की चार गुना ज्यादा क्षमता होती है। इसके अलावा पेस्टीसाइड्स लिंडानो में पाया जाने वाला आई-एचसीएच भी डाइबिटीज का खतरा बढ़ा देता है। शोधकर्ताओं ने 386 वयस्क रोगियों के एडिपोस टिश्यू (फैट) पर पेस्टीसाइड्स के असर का अध्ययन किया। फैट इंसान के शरीर में संचित ऊर्जा के रूप में काम आता है और महत्वपूर्ण मेटाबोलिक क्रिया में सहायक होता है। एडिपोस टिश्यू हार्मफुल संभावित हानिकारक तत्वों को भी संरक्षित करता है, जैेसे कार्बनिक प्रदूषण (सीओपी) ।  यह केमिकल्स का ऐसा ग्रुप होता है, जो पेस्टीसाइड्स, कारखानों से निकलने वाले वेस्ट में बिल्डिंग मटेरियल में मौजूद रहता है। कार्बनिक प्रदूषण मुख्य रूप से भोजन के रास्ते इंसान के शरीर में जाता है, लेकिन यह हवा और त्वचा के रास्ते भी प्रवेश करता है।  

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