ढेर सारे कामों को एक साथ संभालने वाली महिलाओं के चेहरे पर ज्यादा शिकन नजर नहीं आती। महिलाओं के मल्टीटास्किंग होने की बात तो विशेषज्ञ सालों से करते आए हैं, लेकिन इसके सही कारणों से परदा अब उठा है। महिलाएं घर के अंदर सारी जिम्मेदारियां बखूबी निभाती ही हैं, साथ ही बाहर के कामों को सही तरीके से करने में उनका कोई जवाब नहीं होता है। बिना किसी तनाव के मल्टीटास्किंग होने के कारण ही यह माना जाता रहा है कि महिलाओं में अध्ािक ध्ौर्य होता है। एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बेहतर तरीके से एक साथ कई कामों का जिम्मा संभाल
सकती हैं और इसके लिए ऑस्ट्रोजन हार्मोन जिम्मेदार होता है, जो मस्तिष्क पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभ्ााव को ब्लॉक कर देता है। यूएस में इस तथ्य की पुष्टि के लिए नर और मादा चूहों पर प्रयोग किया गया। इंसानों को चुनौती भरी परिस्थितियों में खीझ और तनाव महसूस क्यों होता है, इसके सही कारणों का पता लगाने के लिए मादा और नर चूहों को कुछ चीजें दिखाई गईं और दोबारा फिर उन्हीं चीजों को पहचाने का टास्क दिया गया। बफेलो यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोलॉजी और बायोफिजिक्स में प्रोफेसर व इस शोध को अंजाम देने वाले झेन यान का कहना था कि मादा चूहे जहां चीजें आसानी से पहचान गईं, वहीं नर चूहे शॉर्ट टर्म मेमोरी के कारण जूझते नजर आए। ज्ञात चीजों की भी पहचान न कर पाने की स्थिति से स्पष्ट होता है कि मस्तिष्क के उस हिस्से में गड़बड़ी हो सकती है, जो कार्य करने, ध्यान, निर्णय लेने और प्रबंध्ान संबंध्ाी कार्यों को नियंत्रित करती है। यान कहते हैं कि इससे पहले हुए शोध्ाों में इस बात की पुष्टि हुई है कि महिलाएं गहरे तनाव की स्थिति को भी आसानी से झेल लेती हैं और अब उसका कारण भी स्पष्ट हो चुका है। पहले शोध्ा में यान ने पाया था कि लगातार तनाव झेल रहे नर चूहों के ब्रेन के उस हिस्से में डैमेज हो गया था, जबकि मादा चूहों में ऐसी कोई स्थिति नहीं पाई गई। जब नर चूहों को उच्च स्तर के ऑस्ट्रोजन के संपर्क में रखा गया, तो उन पर तनाव का उतना प्रभाव नहीं था और जब मादा चूहों के ब्रेन के उस हिस्से को ब्लॉक कर दिया गया तो उनमें तनाव का प्रभाव देखा गया।
शोध्ाकर्ता टीम ने पाया कि ऑस्ट्रोजन के निर्माण में एरोमाटेज एंजाइम का योगदान होता है, जिसे महिलाओं के तनाव में स्थिर रहने से जोड़कर देखा जा सकता है। मॉलेक्यूलर साइकेट्री जर्नल में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक मादा चूहों में उच्च स्तर की एकाग्रता पाई गई। इस रिसर्च से उन पुरुषों के इलाज में मदद मिलेगी, जो लंबे समय से तनाव की समस्या से गुजर रहे हैं।
सकती हैं और इसके लिए ऑस्ट्रोजन हार्मोन जिम्मेदार होता है, जो मस्तिष्क पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभ्ााव को ब्लॉक कर देता है। यूएस में इस तथ्य की पुष्टि के लिए नर और मादा चूहों पर प्रयोग किया गया। इंसानों को चुनौती भरी परिस्थितियों में खीझ और तनाव महसूस क्यों होता है, इसके सही कारणों का पता लगाने के लिए मादा और नर चूहों को कुछ चीजें दिखाई गईं और दोबारा फिर उन्हीं चीजों को पहचाने का टास्क दिया गया। बफेलो यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोलॉजी और बायोफिजिक्स में प्रोफेसर व इस शोध को अंजाम देने वाले झेन यान का कहना था कि मादा चूहे जहां चीजें आसानी से पहचान गईं, वहीं नर चूहे शॉर्ट टर्म मेमोरी के कारण जूझते नजर आए। ज्ञात चीजों की भी पहचान न कर पाने की स्थिति से स्पष्ट होता है कि मस्तिष्क के उस हिस्से में गड़बड़ी हो सकती है, जो कार्य करने, ध्यान, निर्णय लेने और प्रबंध्ान संबंध्ाी कार्यों को नियंत्रित करती है। यान कहते हैं कि इससे पहले हुए शोध्ाों में इस बात की पुष्टि हुई है कि महिलाएं गहरे तनाव की स्थिति को भी आसानी से झेल लेती हैं और अब उसका कारण भी स्पष्ट हो चुका है। पहले शोध्ा में यान ने पाया था कि लगातार तनाव झेल रहे नर चूहों के ब्रेन के उस हिस्से में डैमेज हो गया था, जबकि मादा चूहों में ऐसी कोई स्थिति नहीं पाई गई। जब नर चूहों को उच्च स्तर के ऑस्ट्रोजन के संपर्क में रखा गया, तो उन पर तनाव का उतना प्रभाव नहीं था और जब मादा चूहों के ब्रेन के उस हिस्से को ब्लॉक कर दिया गया तो उनमें तनाव का प्रभाव देखा गया।
शोध्ाकर्ता टीम ने पाया कि ऑस्ट्रोजन के निर्माण में एरोमाटेज एंजाइम का योगदान होता है, जिसे महिलाओं के तनाव में स्थिर रहने से जोड़कर देखा जा सकता है। मॉलेक्यूलर साइकेट्री जर्नल में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक मादा चूहों में उच्च स्तर की एकाग्रता पाई गई। इस रिसर्च से उन पुरुषों के इलाज में मदद मिलेगी, जो लंबे समय से तनाव की समस्या से गुजर रहे हैं।

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