शोध में यह बात सिद्ध हुई है कि बॉडी में एक सिंगल एंटी-एजिंग एंजाइम एज-रिलेटेड डिसीज से रक्षा करने की संभावना के साथ-साथ लाइफस्पान (आयु चक्र) को बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह शोध 'जर्नल साइंस" में प्रकाशित किया गया है। इसमें एक कॉमन मैकेनिज्म के तहत सिंगल एंजाइम पर तकरीबन 117 तरह की ड्रग से जांच कर कार्य देखा गया। इसका मतलब यह रहा कि एंटी-एजिंग ड्रग की संपूर्ण श्रेणी अब मौजूद है। जो न सिर्फ एंटी-एजिंग का काम करेगी बल्कि कैंसर, अल्जाइमर्स और टाइप-2 डायबिटीज से भी रक्षा करने में मदद करेगी। यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (यूएनएसडब्ल्यू) मेडिसिन के प्रोफेसर डेविड सिन्क्लेयर के नेतृत्व में यह शोध किया गया। उन्होंने कहा कि नई ड्रग के प्रभाव से एजिंग स्लो हो जाएगी। शोधकर्ताओं के अनुसार यह टारगेट एंजाइम, 'एसआईआरटी1" है, जो शरीर में प्राकृतिक रूप से कैलोरी पर अवरोध लगाने और एक्सरसाइज करने से उत्पन्ना होता है। मगर इसे उत्प्रेरक द्वारा भी बढ़ाया जा सकता है।
सोमवार, 4 नवंबर 2013
जल्द ही नई दवा देगी 150 साल की उम्र...
शोध में यह बात सिद्ध हुई है कि बॉडी में एक सिंगल एंटी-एजिंग एंजाइम एज-रिलेटेड डिसीज से रक्षा करने की संभावना के साथ-साथ लाइफस्पान (आयु चक्र) को बढ़ाने में मदद कर सकता है। यह शोध 'जर्नल साइंस" में प्रकाशित किया गया है। इसमें एक कॉमन मैकेनिज्म के तहत सिंगल एंजाइम पर तकरीबन 117 तरह की ड्रग से जांच कर कार्य देखा गया। इसका मतलब यह रहा कि एंटी-एजिंग ड्रग की संपूर्ण श्रेणी अब मौजूद है। जो न सिर्फ एंटी-एजिंग का काम करेगी बल्कि कैंसर, अल्जाइमर्स और टाइप-2 डायबिटीज से भी रक्षा करने में मदद करेगी। यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स (यूएनएसडब्ल्यू) मेडिसिन के प्रोफेसर डेविड सिन्क्लेयर के नेतृत्व में यह शोध किया गया। उन्होंने कहा कि नई ड्रग के प्रभाव से एजिंग स्लो हो जाएगी। शोधकर्ताओं के अनुसार यह टारगेट एंजाइम, 'एसआईआरटी1" है, जो शरीर में प्राकृतिक रूप से कैलोरी पर अवरोध लगाने और एक्सरसाइज करने से उत्पन्ना होता है। मगर इसे उत्प्रेरक द्वारा भी बढ़ाया जा सकता है।
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