गुरुवार, 7 नवंबर 2013

हार्ट डिसीज के लिए खराब आबोहवा जिम्मेदार!

अमेरिका में हुए एक हालिया शोध में चेतावनी दी गई है कि हृदयाघात के  बढ़ते मामलों के  पीछे वायु प्रदूषण तथा ओजोन परत का क्षरण होना भी हो सकता है।
राइस विश्वविद्यालय (हॉस्टन) में सांख्यिकीविद कॅथरीन एंसॉर तथा लॉरेन राउन ने आंकड़ों के आधार पर यह बात कही है। उन्होंने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय के वायु की गुणवत्ता का आकलन करने वाले गहन नेटवर्क  द्वारा संकलित पिछले आठ वर्षों के  आंकड़ों तथा ह्यूस्टन आपात चिकित्सा सेवा द्वारा दर्ज 11,000 से अधिक हृदयाघात के  मामलों का गहन विश्लेषण किया। एंसॉर कहती हैं, 'इस अध्ययन का मूल उद्देश्य लोगों के जीवन की रक्षा करनी है।"
बेहतर नहीं है चेतावनी
एंसॉर का कहना है कि हम प्रत्येक व्यक्ति  के  लिए खतरे की सूचना देने वाली बेहतर चेतावनी प्रणाली के  विकास में सहयोग करना चाहते हैं। वायु प्रदूषण की सामान्य चेतावनी बेहतर नहीं हो सकती। इसके  साथ ही हम वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य को होने वाले खतरे की समझ को और बेहतर करना चाहेंगे और वायु प्रदूषण को लगातार कम होता देखना पसंद करेंगे।
इनका किया विश्लेषण
शोधकर्ताओं ने वायु में मौजूद नाइट्रोजन डाईऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के स्तर का भी विश्लेषण किया लेकिन हृदयाघात पर इनमें से किसी के प्रभाव के प्रमाण नहीं मिले। बोस्टन में हुए अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ एडवांसमेंट ऑफ साइंस (एएएएस) समारोह में यह अध्ययन प्रस्तुत किया गया।



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