शुक्रवार, 8 नवंबर 2013

बच्चों के लिए घातक होता है न्यूमोनिया

सर्दी के दिनों में बच्चों में न्यूमोनिया का खतरा ज्यादा हो जाता है। हाल ही के एक शोध में यह बात सामने आई है कि जरा सी लापरवाही से बच्चों के लिए न्यूमोनिया काफी घातक सिद्ध हो सकता है। आंकड़े बताते हंै कि विश्व में हर 20 सेकंड में एक बच्चे की मौत न्यूमोनिया से होती है। इन तथ्यों को जानकर चौंकना स्वाभाविक है। यह तो रही बात विश्व की, मगर भारत में न्यूमोनिया से हर साल मरने वाले बच्चों की संख्या विश्व में सबसे ज्यादा है। पिछले वर्ष जारी की गई रिपोर्ट में भी इस बात का खुलासा हो चुका है। विश्वभर में बचपन में न्यूमोनिया होने के तकरीबन 15.5 करोड़ सालाना मामले सामने आते हैं। जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय द्वारा जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि न्यूमोनिया से स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की परेशानियां हो जाती हैं, जिससे उबरने में उन्हें काफी समय लग जाता है।
क्या है न्यूमोनिया
न्यूमोनिया, फेफड़ों में एक प्रकार का संक्रमण है, जिसमें रोगी को सांस लेने में परेशानी होती है। इससे फेफड़ों में दर्द व सूजन आ जाती है।
न्यूमोनिया के दो प्रकार हैं
कम्युनिटी एक्वायर्ड न्यूमोनिया" और एक्वायर्ड न्यूमोनिया"। कम्युनिटी एक्वायर्ड न्यूमोनिया ऐसा प्रकार है, जो घर में रहने पर भी रोगी को अपनी गिरफ्त में ले लेता है। वहीं 'एक्वायर्ड न्यूमोनिया" अस्पताल में भर्ती लोगों को ज्यादा होता है, जिसकी मुख्य
वजह संक्रमण होता है।
न्यूमोनिया के कारण
आमतौर पर नाक और गले में पाए जाने वाले वायरस और बैक्टीरिया सांस लेने पर फेफड़ों को संक्रमित कर सकते हैं। न्यूमोनिया बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के संक्रमण से होता है। बच्चों में न्यूमोनिया का मुख्य कारण वायरस का संक्रमण है। हवा में मौजूद किसी की खांसी या छींक से निकले रोगाणु के कारण भी बच्चों में न्यूमोनिया के होने की आशंका होती है। इसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि बच्चों का सही ढंग से ख्याल रखा जाए।


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