बुधवार, 6 नवंबर 2013

तेज धूप न बन जाए झुर्रियों का कारण

वैसे तो सूर्य के प्रकाश को विटामिन 'डी" का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सूर्य की किरणें आपके चेहरे पर झुर्रियां भी ला सकती हैं? जी हां, वैसे तो सर्दियों के दिन में तेज धूप शरीर पर ज्यादा प्रभाव नहीं डालती, मगर गर्मियों की और बारिश के बाद की तेज तपन शरीर को झुलसाने का काम करती है। यहां तक कि कभी-कभी एक खिड़की से आने वाली किरणें भी नुकसानदेह हो जाती हैं।
हिन्दी महीनों के अनुसार क्वार माह को सबसे तपन वाला माना जाता है। कहते हैं इसमें मृग भी काले हो जाते हैं, इसलिए शरीर को झुलसने से बचाने के लिए इस दौरान सावधानियां बरतना भी जरूरी होता है।
दो अध्ययनों का निष्कर्ष 
ब्रिटिश अखबार 'डेली मेल" की खबर के अनुसार दो अध्ययन बताते हैं कि शीशे से छनकर आने वाली सूर्य की किरणें इस कदर खतरनाक हो सकती हैं कि चेहरे के जिस हिस्से पर पड़े, वह दूसरे हिस्सों से सात साल पुराना दिखने लगे। पहले अध्ययन में फ्रांस के बसांकन में वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि किस तरह सूर्य की रोशनी के संपर्क में आने वाले चेहरे के हिस्से जल्दी बूढ़े हो जाते हैं। उन्होंने एक कामकाजी महिला का उदाहरण देते हुए बताया कि कार चलाते समय उसके चेहरे के जिस हिस्से पर धूप पड़ती थी, उस पर अधिक झुर्रियां देखी गईं। दूसरे अध्ययन के मुताबिक गर्मियों के मौसम में अपनी कार में कुछ देर बैठना भी त्वचा को एक हद तक नुकसान पहुंचा सकता है। इस दौरान चेहरे पर काले धब्बे, झुर्रियां और त्वचा सख्त हो सकती है।
इसके लिए जरूरी है धूप में निकलने के पूर्व शरीर को पूरी तरह से कॉटन के कपड़े से ढंका जाए। सन कैप का उपयोग करने के अलावा सनस्क्रीन लोशन लगाकर धूप में निकलने से यह धूप के असर को काफी हद तक दूर करने में सहायक होता है।







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