सोमवार, 4 नवंबर 2013

च्यूइंगम बढ़ा सकती है एकाग्रता

यूं तो बच्चों को च्यूइंगम न खाने की हिदायत दी जाती है। मगर आज के ज्यादातर युवा हमेशा च्यूइंगम चबाते मिल जाएंगे। अब तो कई शोध में भी इसके प्रयोग को फायदेमंद बताया गया है। हां, सिर्फ जरूरत है कि इसकी अति न हो। एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि च्यूइंगम कॉन्संट्रैशन (एकाग्रता) बढ़ाने में मदद कर सकती है। जिसमें व्यक्ति किसी टॉस्क पर काफी लंबे समय तक फोकस कर सकता है और कामयाबी भी पा सकता है।
कार्डिफ यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता केट मोर्गन और उनके सहयोगियों ने एक ऑडियो मेमरी टॉस्क के दौरान च्यूइंगम के संभावित फायदों पर प्रकाश डाला। पूर्व में किए अध्ययन में विजुअल मेमरी टॉस्क में एकाग्रता के लिए च्यूइंगम के फायदे देखे गए थे। उस दौरान इस बात का खुलासा भी हुआ था कि च्यूइंगगम काग्निशन (ज्ञान) वाले कुछ क्षेत्रों में ज्यादा फायदा कर सकती है। हाल ही में किए अध्ययन में ऑडियो टॉस्क के जरिए शॉर्ट-टर्म मेमरी को जांचा गया। इस शोध के तहत यह निष्कर्ष निकाला गया कि च्यूइंगम कॉन्संट्रैशन को इम्प्रूव करने में मदद करती है। विशेषकर बढ़ती उम्र में।
दांतों की रक्षा
शुगर फ्री च्यूइंगम से दांतों की रक्षा होती है और वे खराब होने से बचते हैं। हर बार खाने के बाद तकरीबन 20 मिनट तक च्यूइंगम चबाने से मुंह के बैक्टेरिया दूर हो  जाते हैं।
एसिडिटी में फायदा
च्यूइंगम चबाने से उससे बनने वाला सलाइवा (लार) पेट में होने वाली एसिडिटी से छुटकारा दिलाता है। साथ ही सीने में होने वाली जलन से भी राहत मिलती है।
वजन भी घटता है
च्यूइंगम खाने वाले बार-बार खाने से बच जाते हैं, जिससे मोटापे की समस्या से भी वे दूर रह सकते हैं। यानी कि अनियमित खाने वालों का ध्यान च्यूइंगगम से खाने की ओर कम जाता है। 

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