यदि आप भी छोटे-मोटे दर्द से राहत पाने के लिए अक्सर दर्द निवारक दवाओं का सेवन करते हैं तो यह आदत आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। अक्सर कुछ लोगों को देखा जाता है कि वे मामूली तकलीफ होने पर दर्द निवारक दवाओं का सेवन शुरू कर देते हैं।
ब्रिटेन में ऑफिस फॉर नेशनल स्टेटिक्स से मिले आंकड़ों के अनुसार मामूली तकलीफ होने पर दर्द निवारक दवाओं का सेवन आपके लिए भविष्य में जानलेवा साबित हो सकता है। सरकारी आंकड़ों से साफ हुआ है कि अधिकांश ब्रिटेनवासी हेरोइन और कोकीन से ज्यादा दर्द निवारक और मस्तिष्क को सुकून देने वाली दवाओं को खाने के आदी हैं।
ब्रिटेन में सबसे ज्यादा मामले
शरीर के किसी हिस्से में दर्द की शिकायत होने पर यह लोग पेनकिलर का सेवन करने के बाद राहत महसूस करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन में पिछले पांच सालों में दर्द निवारक दवाओं के 807 ओवरडोज के मामले सामने आए हैं जो कि पहले आंकड़ों से 16 फीसद ज्यादा थे। वहीं वर्ष 2005 में अब तक हेरोइन और कोकीन के सेवन से 718 मौतें हुई हैं। आंकड़ों से साफ हुआ है कि दर्द निवारक दवाओं के सेवन से ज्यादा मौतें हुई जबकि हेरोइन और कोकीन के कारण इसके मुकाबले कम मौतें हुईं। ब्रिटेन में रहने वाले लोग हर साल दर्द निवारक दवाओं पर करीब 50 करोड़ पौंड भारी खर्च करते हैं। आंकड़ों से यह भी साफ हुआ है कि ब्रिटेन में रहने वाले 32 हजार लोग यह जानते हुए भी कि दर्द निवारक दवाएं उनके लिए घातक साबित हो सकती हैं, इनके सेवन के आदी हैं। हालांकि इन दवाओं के सेवन की सलाह उन्हें साधारण फिजीशियन ही देते हैं जो कि उनके लिए बाद में जानलेवा भी साबित होती है।
ब्रिटेन में ऑफिस फॉर नेशनल स्टेटिक्स से मिले आंकड़ों के अनुसार मामूली तकलीफ होने पर दर्द निवारक दवाओं का सेवन आपके लिए भविष्य में जानलेवा साबित हो सकता है। सरकारी आंकड़ों से साफ हुआ है कि अधिकांश ब्रिटेनवासी हेरोइन और कोकीन से ज्यादा दर्द निवारक और मस्तिष्क को सुकून देने वाली दवाओं को खाने के आदी हैं।
ब्रिटेन में सबसे ज्यादा मामले
शरीर के किसी हिस्से में दर्द की शिकायत होने पर यह लोग पेनकिलर का सेवन करने के बाद राहत महसूस करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन में पिछले पांच सालों में दर्द निवारक दवाओं के 807 ओवरडोज के मामले सामने आए हैं जो कि पहले आंकड़ों से 16 फीसद ज्यादा थे। वहीं वर्ष 2005 में अब तक हेरोइन और कोकीन के सेवन से 718 मौतें हुई हैं। आंकड़ों से साफ हुआ है कि दर्द निवारक दवाओं के सेवन से ज्यादा मौतें हुई जबकि हेरोइन और कोकीन के कारण इसके मुकाबले कम मौतें हुईं। ब्रिटेन में रहने वाले लोग हर साल दर्द निवारक दवाओं पर करीब 50 करोड़ पौंड भारी खर्च करते हैं। आंकड़ों से यह भी साफ हुआ है कि ब्रिटेन में रहने वाले 32 हजार लोग यह जानते हुए भी कि दर्द निवारक दवाएं उनके लिए घातक साबित हो सकती हैं, इनके सेवन के आदी हैं। हालांकि इन दवाओं के सेवन की सलाह उन्हें साधारण फिजीशियन ही देते हैं जो कि उनके लिए बाद में जानलेवा भी साबित होती है।

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