गुरुवार, 7 नवंबर 2013

प्यार करने वालों के दो दिल और धड़कन एक

शेर, शायरी, कविताओं और अन्य जज्बाती अभिव्यक्तियों में अक्सर कहा जाता है कि प्यार करने वालों के दो दिल और धड़कन एक होती है। अब वैज्ञानिकों ने भी इस पर मुहर लगा दी है। जो जोड़े प्यार में होते हैं, वे प्राय: एक-दूसरे के सेंटेंस को पूरा करते हैं, एक ही जोक पर समान रूप से हंसते हैं और खास यह है कि जब वे साथ में होते हैं तो उनकी हार्ट की धड़कन की गति भी एक समान होती है! वैज्ञानिकों ने पाया है कि जब दो जोड़े एक-दूसरे के करीब बैठे होते हैं तो उनके सांस लेने का पैटर्न और हार्ट रेट एक समान हो जाती है। यह उस स्थिति में भी होता है, जब वे एक-दूसरे के सिर्फ पास में बैठे हों और उन्होंने एक-दूसरे का हाथ भी नहीं थाम रखा हो। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति अपरिचितों के बीच न
जर नहीं आती है, भले ही वे एक-दूसरे से सटकर बैठे हों।
क्या मैचिंग है!
यूसी डेविस साइकोलॉजी के प्रोफेसर एमिलियो फेरर ने कपल्स में रोमांटिक रिलेशनशिप पर लंबा अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है। उन्होंने अध्ययन में शामिल कपल्स की हार्ट रेट और सांस की गति को नापा और पता किया कि कपल्स में सांस लेने और छोड़ने का वक्त बिलकुल एक जैसा था। यह उसे स्थिति में भी था, जब वे एकांत में, अकेले में बैठे रहे लेकिन उन्होंने एक-दूसरे को छुआ तक नहीं।
समझ जाते हैं इमोशन
फेरर का कहना है कि हमने कई अनुसंधानों में देखा है कि रिलेशनशिप में व्यक्ति इस बात को बहुत अच्छी तरह समझ जाता है कि उससे जुड़ा व्यक्ति भावनात्मक रूप से क्या फील कर रहा है। लेकिन अध्ययन यह भी कहता है कि रिलेशनशिप में व्यक्ति अपने जज्बात एक-दूसरे से शेयर करता ही है।
महिलाओं में ज्यादा
फेरर का कहना है कि पुरुष अपनी महिला पार्टनर से हार्ट बीट में  तालमेल बैठाने में वक्त लेता है। लेकिन महिला अपने पार्टनर को एडजस्ट करने में ज्यादा कुशल होती हैं। यह बात न केवल साइकोलॉजिकल लेवल पर सच है बल्कि हर रोज होने वाले जज्बाती अनुभवों पर भी खरी है।

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