मोबाइल फोन का इस्तेमाल देखते ही देखते तेजी से दुनिया भर में बढ़ा है लेकिन भारत में लोग दिन भर में ढाई घंटा अपने मोबाइल को दे रहे हैं और इसमें से कुछ ही समय कॉल के लिए होता है। तो फिर आखिर करते क्या हैं फोन पर लोग।
नीलसन इनफोर्मेट ने इस संबंध में एक सर्वेक्षण किया और पाया कि लोगों को फोन का इस्तेमाल करने की लत लग गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय लोग अपने स्मार्टफोन के साथ बिताए समय का एक चौथाई से भी कम भाग यानी करीब 18 प्रतिशत समय कॉल और एसएमएस पर लगाते हैं। वहीं 24 प्रतिशत समय ब्राउजिंग और 21 प्रतिशत एप के प्रयोग में खर्च किए जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले ज्यादातर लोगों को इनकी लत लग चुकी है और वो इनका उपयोग कॉल या एसएमएस से ज्यादा गेम खेलने के लिए करते हैं। स्मार्टफोन पर गेम खेलने के अलावा गाने सुनने या वीडियो देखने समेत दूसरे ऑफलाइन किए गए कामों पर 37 प्रतिशत समय खर्च किए जाते हैं।
नीलसन की रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन का प्रयोग करने वाले आधे से ज्यादा यूजर्स 25 वर्ष से कम की आयु के हैं। सर्वे में पाया गया है कि यूजर्स में एक-दूसरे से डिजिटल माध्यम पर जुड़े रहने ही चाहत और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण भारत में स्मार्टफोन रखने का चलन भी बढ़ा है। सस्ते होते स्मार्टफोन और आकर्षक डेटा पैकेज उपलब्ध होने की वजह से भी स्मार्टफोन की बिक्री को मदद मिली है।
मुंबई में हो रहे फिक्की फ्रेम्स में तकनीकी विशेषज्ञों के पैनल के अनुसार आने वाले समय में भारत मोबाइल एप के क्षेत्र में एक सुपरपावर बनने का माद्दा रखता है। भारत में एप के क्षेत्र में भारी योगदान की क्षमता है। पेड एप के बाजारों में गेम्स की सबसे ज्यादा डिमांड है।
सर्वे के अनुसार गेम सर्च करने वाले हर पांच यूजर में से तीन गेम खरीद लेता है। यूजर्स के बीच मैसेंजर और म्यूजिक स्ट्रीमिंग के एप पेड कैटेगरी में भी काफी लोकप्रिय हैं। एप स्टोर में मैसेंजर या चैंटिंग एप ढूंढने वाले 53 प्रतिशत लोग इसे खरीद लेते हैं जबकि 45 म्यूजिक स्ट्रीमिंग ढूंढने वाले 45 फीसदी लोग इन्हें खरीदते हैं।
नीलसन इनफोर्मेट ने इस संबंध में एक सर्वेक्षण किया और पाया कि लोगों को फोन का इस्तेमाल करने की लत लग गई है। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय लोग अपने स्मार्टफोन के साथ बिताए समय का एक चौथाई से भी कम भाग यानी करीब 18 प्रतिशत समय कॉल और एसएमएस पर लगाते हैं। वहीं 24 प्रतिशत समय ब्राउजिंग और 21 प्रतिशत एप के प्रयोग में खर्च किए जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन का उपयोग करने वाले ज्यादातर लोगों को इनकी लत लग चुकी है और वो इनका उपयोग कॉल या एसएमएस से ज्यादा गेम खेलने के लिए करते हैं। स्मार्टफोन पर गेम खेलने के अलावा गाने सुनने या वीडियो देखने समेत दूसरे ऑफलाइन किए गए कामों पर 37 प्रतिशत समय खर्च किए जाते हैं।
नीलसन की रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन का प्रयोग करने वाले आधे से ज्यादा यूजर्स 25 वर्ष से कम की आयु के हैं। सर्वे में पाया गया है कि यूजर्स में एक-दूसरे से डिजिटल माध्यम पर जुड़े रहने ही चाहत और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण भारत में स्मार्टफोन रखने का चलन भी बढ़ा है। सस्ते होते स्मार्टफोन और आकर्षक डेटा पैकेज उपलब्ध होने की वजह से भी स्मार्टफोन की बिक्री को मदद मिली है।
मुंबई में हो रहे फिक्की फ्रेम्स में तकनीकी विशेषज्ञों के पैनल के अनुसार आने वाले समय में भारत मोबाइल एप के क्षेत्र में एक सुपरपावर बनने का माद्दा रखता है। भारत में एप के क्षेत्र में भारी योगदान की क्षमता है। पेड एप के बाजारों में गेम्स की सबसे ज्यादा डिमांड है।
सर्वे के अनुसार गेम सर्च करने वाले हर पांच यूजर में से तीन गेम खरीद लेता है। यूजर्स के बीच मैसेंजर और म्यूजिक स्ट्रीमिंग के एप पेड कैटेगरी में भी काफी लोकप्रिय हैं। एप स्टोर में मैसेंजर या चैंटिंग एप ढूंढने वाले 53 प्रतिशत लोग इसे खरीद लेते हैं जबकि 45 म्यूजिक स्ट्रीमिंग ढूंढने वाले 45 फीसदी लोग इन्हें खरीदते हैं।

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