सोमवार, 4 नवंबर 2013

दवा की भी परखें सेहत

मरीज  की सेहत के लिए दवा जरूरी है और दवा की सेहत के लिए? यह सवाल थोड़ा अटपटा लग सकता है लेकिन इस पर ध्यान देने की जरूरत है। जो लोग नियमित रूप से दवा का सेवन करते हैं या जिन लोगों को छोटे बच्चों और बुजुर्गों की वजह से कई तरह की दवा घर में रखनी होती हैं, उनके लिए यह सवाल और भी अहम है।
दरअसल दवा का ठीक तरह से रख-रखाव न होना, जिंदगी बचाने वाली दवा को जहर में भी तब्दील कर सकता है। खासतौर पर बच्चों के लिए यह काफी नुकसानदायक हो सकता है।
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंश्ान (सीडीसी) के अनुसार दुनियाभर में 60,000 बच्चे हर साल दवाओं के रख-रखाव में लापरवाही के कारण्ा आपातकालीन समस्या का श्ािकार होते हैं।
यह है सही तरीका
बहुत से लोग अपनी मेडिसिन बाथरूम में रखते हैं, लेकिन यह जगह मेडिसिन रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सबसे खराब जगहों में से एक है। बाथरूम केबिनेट उमस और नमी भरे होते हैं, ऐसे वातावरण्ा में किसी भी तरह की दवा का ब्रेकडाउन प्रोसेस श्ाुरूहो जाता है।
दवाओं के पैकेट पर लिखा होता है 'स्टोर इन ए कूल एंड ड्राय प्लेस"। सबसे पहले तो इसी निर्देश्ा का सही तरीके से पालन करें। दवाइयों को हमेश्ाा सूखे और ठंडे स्थान पर रखें।
महंगी होने या उपलब्ध न होने की वजह से कई लोगों को सही समय पर दवा नहीं मिल पाती है। ऐसे में बची हुई दवाओं को जरूरतमंद तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है। सरकारी डिस्पेंरीज् के अलावा कई हेल्थ सेंटर्स और एनजीओ भी इस दिश्ाा में काम कर रहे हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाकर भी दवाओं को सही जगह पहुंचाया जा सकता है। बची हुई दवाइयां फार्मासिस्ट को भी लौटाई जा सकती हैं।
एक्पायर हो चुकी दवाइयों को उचित तरह से नष्ट करना होता है। साथ ही ऐसी जगह रखा जाना चाहिए, जहां बच्चे न पहुंच सके। इसके लिए आप टाइट जार या दराज का इस्तेमाल कर सकते हैं। किसी वजह से यदि बाथरूम या किचन में ही दवा स्टोर करनी है तो उसके लिए दवा वाले डिब्बे को एयरटाइट बंद करके ऐसे स्थान पर रखें, जहां ज्यादा तापमान और नमी न हो, क्योंकि दवाओं पर गर्मी, उमस और सूरज की रोश्ानी का उलटा असर पड़ता है। डायबिटीज में इस्तेमाल होने वाले इंसुलिन के इंजेक्श्ान को फ्रिज में रखने की जरूरत होती है। यह ध्यान रखना चाहिए कि दवाओं को ऐसे स्थान पर न रखा जाए, जहां सीधे सूरज की रोश्ानी आती हो। एक्सपायरी डेट देखकर ही दवा खाएं, जहां तक कफ सिरप्स की बात है तो उनकी एक्सपायरी डेट 2-3 साल तक होती है। इसलिए उन्हें इस्तेमाल करने के बाद अच्छे से बंद करके फ्रिज में रखना  चाहिए, ताकि आगे भी इस्तेमाल कर सकें।
जब बच जाए दवा
बीमारी से निजात मिलने के बाद अक्सर लोग बची हुई दवा पर ध्यान ही नहीं देते, जो सही नहीं है। दवा का सही रख-रखाव जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है बची हुई दवा का सही प्रबंधन।
यदि दवा इस्तेमाल नहीं की जानी है या उसकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी है तो उसे सही तरह से फेंके, ताकि गलती से भी कोई दूसरा उनका इस्तेमाल न कर सके।
इस बारे में नजदीकी फार्मासिस्ट से भी सलाह ले सकते हैं। जिन दवाओं की एक्सपायरी डेट नहीं निकली है उन्हें नजदीकी डिस्पेंसरी में भी दिया जा सकता है। 

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