अगर आप अकेलपन महसूस करें तो तुरंत अपने दोस्तों से मिलें क्योंकि अकेलापन कई बीमारियों का कारण बनता है। यह सिर्फ आपको बुरा महसूस ही नहीं कराता, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करता है। अकेलापन इम्यून सिस्टम को कई तरीकों से प्रभावित करता है। यह आपकी पूरी सेहत को भी बिगाड़ सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो लोग ज्यादा लोनली होते हैं उनमें चर्मरोग के वायरस सक्रिय हो जाते हैं। साथ ही उनमें तनाव के कारण सूजन संबंधी प्रोटीन ज्यादा बनता है।
हो सकती हैं ये बीमारियां
ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में इंस्टीट्यूट फॉर बिहेवियरल मेडिसिन रिसर्च के अध्ययन के मुताबिक अकेलापन दिल से संबंधित बीमारियों, टाइप-2 डाइबिटिज, आर्थराइटिस तथा अल्जाइमर्स के लिए भी जिम्मेदार है। इनसे असमय मौत तथा और कई तरह की अन्य समस्याएं हो सकती हंै।
सोचने की शक्ति प्रभावित
ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर से जारी किए गए एक बयान के अनुसार, इस तरह के शोध का एक महत्वपूर्ण कारण, इस बात को समझना है कि अकेलापन तथा रिश्ते किस प्रकार व्यापक रूप से हमारी हेल्थ को प्रभावित करते हैं। अकेलापन न केवल हमें बीमारियों का शिकार बनाता है, बल्कि हमारी सोचने की शक्ति को भी कम करता है। हम जितना इसे समझेंगे, हमें उतना ही इसके नकारात्मक प्रभावों से लड़ने में मदद मिलेगी।
क्लोज रिलेशनशिप में स्ट्रेस भी खतरा
ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर बिहेवियरल मेडिसीन रिसर्च के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि क्लोज रिलेशनशिप में तनाव से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। अनुसंधानकर्ताओं ने विवाहित जोड़ों से उनके बीच रिलेशनशिप के बारे में पूछा और तनाव से जुड़े हार्मोन कार्टिसोल और कुछ इम्यून सेल्स की संख्या जानने के लिए उनके ब्लड और सलीवा सेपल्स लिए। जिन जोड़ों में रिलेशनशिप में स्ट्रेस या एंग्जाइटी देखी गई, उनमें कार्टिसोल की अधिक मात्रा और इम्यून सिस्टम से जुड़ी सेल्स में कमी देखी गई, उन जोड़ों की तुलना में जिनकी रिलेशनशिप में कोई स्ट्रेस
नहीं था।
हो सकती हैं ये बीमारियां
ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में इंस्टीट्यूट फॉर बिहेवियरल मेडिसिन रिसर्च के अध्ययन के मुताबिक अकेलापन दिल से संबंधित बीमारियों, टाइप-2 डाइबिटिज, आर्थराइटिस तथा अल्जाइमर्स के लिए भी जिम्मेदार है। इनसे असमय मौत तथा और कई तरह की अन्य समस्याएं हो सकती हंै।
सोचने की शक्ति प्रभावित
ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर से जारी किए गए एक बयान के अनुसार, इस तरह के शोध का एक महत्वपूर्ण कारण, इस बात को समझना है कि अकेलापन तथा रिश्ते किस प्रकार व्यापक रूप से हमारी हेल्थ को प्रभावित करते हैं। अकेलापन न केवल हमें बीमारियों का शिकार बनाता है, बल्कि हमारी सोचने की शक्ति को भी कम करता है। हम जितना इसे समझेंगे, हमें उतना ही इसके नकारात्मक प्रभावों से लड़ने में मदद मिलेगी।
क्लोज रिलेशनशिप में स्ट्रेस भी खतरा
ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर बिहेवियरल मेडिसीन रिसर्च के अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि क्लोज रिलेशनशिप में तनाव से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। अनुसंधानकर्ताओं ने विवाहित जोड़ों से उनके बीच रिलेशनशिप के बारे में पूछा और तनाव से जुड़े हार्मोन कार्टिसोल और कुछ इम्यून सेल्स की संख्या जानने के लिए उनके ब्लड और सलीवा सेपल्स लिए। जिन जोड़ों में रिलेशनशिप में स्ट्रेस या एंग्जाइटी देखी गई, उनमें कार्टिसोल की अधिक मात्रा और इम्यून सिस्टम से जुड़ी सेल्स में कमी देखी गई, उन जोड़ों की तुलना में जिनकी रिलेशनशिप में कोई स्ट्रेस
नहीं था।

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