ताजा चेतावनी यह है कि नियमित रूप से जंक फूड खाना केवल आपकी वेस्टलाइन या मोटापे को बढ़ाने में सहायक तो है ही, बल्कि यह आपके लिवर को उतना ही नुकसान पहुंचा सकता है, जितना कि हेपेटाइटिस होने की स्थिति में पहुंचता है। लिवर शरीर को स्वस्थ रखने का बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। फास्ट फूड से नुकसान की चेतावनी टेलीविजन प्रोग्राम 'द डॉक्टर्स" में दी गई है। प्रोग्राम में अध्ययन के हवाले से कहा गया कि मात्र एक माह जंक फूड या फास्ट फूड खाने से लिवर में महत्वपूर्ण बदलाव देखे जा सकते हैं।
फैट्टी लिवर की स्थिति
'द डॉक्टर्स" के डॉ. ड्र्यू ऑर्डोन का कहना है कि फैट और सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा ऐसी स्थिति पैदा करती है, जिसे फैट्टी लिवर कहा जाता है। उन्होंने कहा कि जंक फूड से होने वाले नुकसान के लिए हम सब दोषी हैं। लेकिन समस्या यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग विशेष रूप से बच्चे फास्ट फूड खाने लगे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि अगर आप पूरे माह रेाां जाकर फास्ट फूड खाते हैं तो यह आपके लिवर में ही बदलाव ला देता है। डॉ. ऑर्डोन ने कहा कि ये बदलाव ठीक उसी तरह के होते हैं, जैसे हेपेटाइटिस या पीलिया हो जाने की स्थिति में होता है। हेपेटाइटिस आगे जाकर लिवर को फेल करने का कारण बनता है।
बच्चों में फास्ट फूड का बढ़ रहा है चलन
सेहत की खतरनाक 'रिंग"
सीबीएस न्यूज डॉट कॉम के अनुसार स्टडी में पाया गया है कि फ्रेड चिकन और ओनियन रिंग्स जैसे फास्ट फूड आइटम्स का नियमित सेवन विशेष रूप से लिवर के लिए बहुत ही घातक है। इनके सेवन से कई आश्चर्यजनक काम्पलिकेशंस हो सकते हैं और उन लोगों के लिए डेंजरस है, जो इन्हें खाते हैं।
शकर, नमक, फैट बाप रे बाप!
डॉ. ऑर्डोन का कहना है कि हम अच्छी तरह जानते हैं कि हम अपने खाने में नमक ज्यादा डाल रहे हैं, उसे ज्यादा फैट में पका रहे हैं और साथ ही उसमें शकर भी मिला रहे हैं। शकर क्यों? क्या इसलिए कि यह फूड को गोल्डन क्रिस्पी बनाता है? लेकिन इसके सेहत पर पड़ने वाले असरों को नजरअंदाज कर जाते हैं।
एक चेतावनी यह भी
डॉ. ऑर्डोन ने यह चेतावनी भी दी कि उपभोक्ताओं को फास्ट फूड प्रतिष्ठानों पर बिकने वाले फास्ट फूड आइटम्स के प्रति सचेत रहना चाहिए। ये फास्ट फूड कितने फ्रेश होते हैं या हेल्दी होते हैं, कोई नहीं जानता क्योंकि इन आइटम्स पर इसका कोई उल्लेख नहीं होता है। इन फूड्स में आम तौर पर केमिकल्स भी मिलाए जाते हैं। सलाद में यह स्थिति अधिक देखी जाती है। उनका कहना है कि कुछ जगहों पर सलाद में प्रोपलीन ग्लायकोल मिलाया जाता है, जो एंटी-फ्रीज होता है। कारण स्पष्ट है कि यह सलाद को गलने से बचाता है। डॉ. ऑर्डोन का कहना है कि रेाां वालों का कहना रहता है कि थोड़ा बहुत एंटी-फ्रीज होने से शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है लेकिन आपके सामने तो चॉइस है कि आप इस तरह का एंटी-फ्रीज
खाना नहीं खाएं।
फैट्टी लिवर की स्थिति
'द डॉक्टर्स" के डॉ. ड्र्यू ऑर्डोन का कहना है कि फैट और सैचुरेटेड फैट्स की मात्रा ऐसी स्थिति पैदा करती है, जिसे फैट्टी लिवर कहा जाता है। उन्होंने कहा कि जंक फूड से होने वाले नुकसान के लिए हम सब दोषी हैं। लेकिन समस्या यह है कि ज्यादा से ज्यादा लोग विशेष रूप से बच्चे फास्ट फूड खाने लगे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि अगर आप पूरे माह रेाां जाकर फास्ट फूड खाते हैं तो यह आपके लिवर में ही बदलाव ला देता है। डॉ. ऑर्डोन ने कहा कि ये बदलाव ठीक उसी तरह के होते हैं, जैसे हेपेटाइटिस या पीलिया हो जाने की स्थिति में होता है। हेपेटाइटिस आगे जाकर लिवर को फेल करने का कारण बनता है।बच्चों में फास्ट फूड का बढ़ रहा है चलन
सेहत की खतरनाक 'रिंग"
सीबीएस न्यूज डॉट कॉम के अनुसार स्टडी में पाया गया है कि फ्रेड चिकन और ओनियन रिंग्स जैसे फास्ट फूड आइटम्स का नियमित सेवन विशेष रूप से लिवर के लिए बहुत ही घातक है। इनके सेवन से कई आश्चर्यजनक काम्पलिकेशंस हो सकते हैं और उन लोगों के लिए डेंजरस है, जो इन्हें खाते हैं।
शकर, नमक, फैट बाप रे बाप!
डॉ. ऑर्डोन का कहना है कि हम अच्छी तरह जानते हैं कि हम अपने खाने में नमक ज्यादा डाल रहे हैं, उसे ज्यादा फैट में पका रहे हैं और साथ ही उसमें शकर भी मिला रहे हैं। शकर क्यों? क्या इसलिए कि यह फूड को गोल्डन क्रिस्पी बनाता है? लेकिन इसके सेहत पर पड़ने वाले असरों को नजरअंदाज कर जाते हैं।
एक चेतावनी यह भी
डॉ. ऑर्डोन ने यह चेतावनी भी दी कि उपभोक्ताओं को फास्ट फूड प्रतिष्ठानों पर बिकने वाले फास्ट फूड आइटम्स के प्रति सचेत रहना चाहिए। ये फास्ट फूड कितने फ्रेश होते हैं या हेल्दी होते हैं, कोई नहीं जानता क्योंकि इन आइटम्स पर इसका कोई उल्लेख नहीं होता है। इन फूड्स में आम तौर पर केमिकल्स भी मिलाए जाते हैं। सलाद में यह स्थिति अधिक देखी जाती है। उनका कहना है कि कुछ जगहों पर सलाद में प्रोपलीन ग्लायकोल मिलाया जाता है, जो एंटी-फ्रीज होता है। कारण स्पष्ट है कि यह सलाद को गलने से बचाता है। डॉ. ऑर्डोन का कहना है कि रेाां वालों का कहना रहता है कि थोड़ा बहुत एंटी-फ्रीज होने से शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है लेकिन आपके सामने तो चॉइस है कि आप इस तरह का एंटी-फ्रीज
खाना नहीं खाएं।
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