ठंड के साथ आंवले की आवक बाजार में बढ़ जाती है। मौसम के अनुकूल यह प्रकृति का ऐसा तोहफा है, जिसमें सेहत के तमाम गुण छिपे हुए हैं। विटामिन 'सी" का भरपूर स्रोत आंवला हमारे शरीर में पनपने वाली कई बीमारियों का नाश करता है। इसलिए इसे प्रकृति का वरदान कहा जाता है। यानी कि अच्छी सेहत का पूरा श्रेय एक छोटे से आंवले को दिया जा सकता है। आंवले को कई तरह से खाया जा सकता है। इसे कच्चा खा सकते हंै या चटनी-मुरब्बा बनाकर खाया जा सकता है या फिर उबालकर खाया जाता है। वहीं आंवले का जूस यदि पीया जाए तो वह काफी लाभकारी होता है।
क्या है आंवले में
आंवले में आयरन और विटामिन 'सी" भरपूर मात्रा में होता हैै। हर व्यक्ति को प्रतिदिन 50 मिलीग्राम विटामिन 'सी" की जरूरत होती है। ऐसे में आंवले का सेवन या फिर इसके रस का सेवन शरीर में विटामिन 'सी" की जरूरत को
पूरा करता है।
और भी हैं फायदे
आंवला खाने या इसका जूस प्रतिदिन पीने से पाचन क्षमता अच्छी होती है। आंवले से त्वचा कांतिमय होती है और त्वचा की चमक बरकरार रहती है। त्वचा रोगों में भी आंवला काफी गुणकारी होता है। बालों की चमक बढ़ाने के साथ-साथ असमय बालों को सफेद होने से भी रोकता है। दिल को मजबूत रखने में भी आंवले का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। आंखों की रोशनी बढ़ती है और कमजोरी भी हटती है।
आंवले का मौसम
सर्दियों के शुरू होने के साथ ही आंवले बाजार में आना शुरू हो जाते हैं। आंवले का मौसम दिसंबर से अप्रैल तक रहता है। यानी सर्दियों में आंवले का सेवन कर आप अपने शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। और साल भर स्वस्थ रहने का बीमा कर सकते हैं। आयुर्वेदिक दवाओं में आंवले का इस्तेमाल किया जाता है। वृक्ष की छाल भी बेहद उपयोगी मानी जाती है। यूनानी चिकित्सक भी आंवले को एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह देते हंै।
क्या है आंवले में
आंवले में आयरन और विटामिन 'सी" भरपूर मात्रा में होता हैै। हर व्यक्ति को प्रतिदिन 50 मिलीग्राम विटामिन 'सी" की जरूरत होती है। ऐसे में आंवले का सेवन या फिर इसके रस का सेवन शरीर में विटामिन 'सी" की जरूरत को
पूरा करता है।
और भी हैं फायदे
आंवला खाने या इसका जूस प्रतिदिन पीने से पाचन क्षमता अच्छी होती है। आंवले से त्वचा कांतिमय होती है और त्वचा की चमक बरकरार रहती है। त्वचा रोगों में भी आंवला काफी गुणकारी होता है। बालों की चमक बढ़ाने के साथ-साथ असमय बालों को सफेद होने से भी रोकता है। दिल को मजबूत रखने में भी आंवले का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। आंखों की रोशनी बढ़ती है और कमजोरी भी हटती है।
आंवले का मौसम
सर्दियों के शुरू होने के साथ ही आंवले बाजार में आना शुरू हो जाते हैं। आंवले का मौसम दिसंबर से अप्रैल तक रहता है। यानी सर्दियों में आंवले का सेवन कर आप अपने शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। और साल भर स्वस्थ रहने का बीमा कर सकते हैं। आयुर्वेदिक दवाओं में आंवले का इस्तेमाल किया जाता है। वृक्ष की छाल भी बेहद उपयोगी मानी जाती है। यूनानी चिकित्सक भी आंवले को एक महत्वपूर्ण औषधि के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह देते हंै।
- आंवला जूस को पानी में मिलाकर गरारे करने से मुंह के छाले खत्म हो जाते है।
- आर्थ्राइटिस की वजह से जोड़ों में होने वाली सूजन को कम करते हुए जोड़ों के दर्द को भी खत्म करता है।
- इंसोम्निया (अनिद्रा) जैसे स्लीप डिसआडरर्््स में आंवले को काफी लाभदायक माना जाता है। आंवले के सेवन से स्ट्रेस (तनाव) दूर होता है और व्यक्ति आराम महसूस करता है।

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