रविवार, 10 नवंबर 2013

बड़ी-बड़ी खुशियां हैं छोटी-छोटी बातों में

यूं  तो खुशी को मापने का कोई पैमाना नहीं होता। हर स्थिति में खुशियों को ढूंढेंगे तो वे आसानी से मिल जाएंगी। प्रकृति ने चारों ओर प्रसन्नाता और खुशी फैला रखी है, इसे अपने हिस्से में करना मनुष्य के स्वयं के हाथों में है। बुधवार को 'इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे" मनाने का शगल भी यही था ताकि हम खुशियों का मतलब समझते हुए खुद भी खुश रहें और दूसरों को भी खुशियां दें। खुशी एक ऐसा खजाना है, जिसमें से जितना दोगे यह उतना ही बढ़ता जाएगा। छोटी-छोटी बातों से खुश होना सीखिए, यह कब बड़ी खुशियों में बदल जाएंगी आपको मालूम ही नहीं पड़ेगा।
खुशी स्वस्थ और सफल जीवन की कुंजी भी है। खुशियां आपको ऊर्जावान बनाती हैं। इसलिए कुछ इन बातों पर ध्यान दीजिए शायद खुशियों के खजाने की चाबी आपको भी मिल जाए :
सकारात्मक सोचें : जीवन में उतार-चढ़ाव के कई क्षण आते हैं। ऐसे में खुद पर नेगेटिविटी को हावी न होने दें, हमेशा सकारात्मक सोचें। यह जरूरी है कि आप खुद इस बात को जानें कि आप स्वयं को क्या संदेश देना चाहते हैं।
बातों को साझा करें : कहते हैं साझा की गई खुशी दोगुनी होती है और साझा किया गया दुख आधा होता है। तो फिर क्यों न अपनी खुशियों में दूसरों को शामिल किया जाए। क्या पता आपकी खुशियां उन्हें भी खुशी दे दें। इसके लिए समय-समय पर आपको दोस्तों और पारिवारिक सदस्यों के समर्थन की भी जरूरत होती है।
हमेशा मदद का हाथ बढ़ाएं : कभी आपने किसी बुजुर्ग को रास्ता पार करवाया है। यदि हां, तो आप उस आशीर्वाद और उससे मिली खुशी की कीमत को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। अपने घर के बड़े-बुजुर्गों का ध्यान रखें उनसे मिलने वाले आशीर्वाद आपके जीवन में कब रक्षा कवच बन जाएंगे आपको मालूम ही नहीं पड़ेगा।
आभार व्यक्त करें : कभी भी उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने से पीछे नहीं हटिए जो आपको प्रसन्ना बनाते हैं। आभार जताना मन की एक खुशी होती है, जिससे सामने वाले को भी आत्मसंतोष मिलता है।
अपने आपको रिचार्ज करें : सबसे पहले यह जाने कि जीवन में वे कौन सी छोटी-छोटी बातें हैं, जिनसे आपको खुशी मिलती हैं। इनमें लिखना-पढ़ना, शॉपिंग, स्वीमिंग, मेडिटेशन जैसे कई शौक शामिल हो सकते हैं। इनमें खुद को इन्वॉल्व करते हुए अपने आपको रिचार्ज करने की कोशिश करें  ताकि सबसे पहले अपने खुद के चेहरे पर भी मुस्कुराहट ला सकें।
बुरी आदतों को बदलिए : यदि आपको लगता है कि आपकी ही कुछ बुरी आदतें आपको परेशान करती हैं, तो उन्हें बदलने की कोशिश करें। आप अपनी आदत सुधारेंगे तो दूसरों को सिखाने में भी आप कामयाब होंगे।
रिश्तों को ताजा करें : अपनों से प्यार जताएं। ऐसे लोगों के लिए समय व्यर्थ न करंे,जो आपके आसपास नहीं हैं। मगर उन लोगों का समर्थन करें, जो आपको समर्थन देते हैं और आप
की केयर करते हैं। हर समय  पूर्णता का अनुभव करने की कोशिश न करें। हर विपरीत परिस्थितियों में भी रिश्तों को संभाले रखें क्योंकि रिश्ते टूटने पर उन्हें जोड़ना काफी कठिन हो जाता है।
दिनचर्या में परिवर्तन करें : अगर आपको लगता है कि आपकी दिनचर्या आपको तनाव से भर देती है तो उसे बदलने की कोशिश कीजिए। परेशानियों का समाधान खोजकर ही हम खुद खुश रहते हुए दूसरों को भी खुश रख सकते हैं। अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए समय निकालें और साथ में खान-पान पर ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है।



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