नींद के दौरान सांस लेने में अक्सर जो दिक्कत महसूस होती है, वह कभी-कभी खतरनाक भी हो सकती है। स्लीप एप्निया के रूप में पहचानी जाने वाली यह समस्या भले ही सुनने में छोटी लगती हो, लेकिन इसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं। आईआईएमएस के एक शोध के मुताबिक भारतीय पुरुषों में नींद के दौरान सांस लेने में दिक्कत महिलाओं की अपेक्षा तीन गुना अधिक होती है। इतना ही नहीं शोध में यह भी पाया गया कि इस बीमारी में अधिकतर लोग डॉक्टर के पास जाने की सोचते ही नहीं हैं। यही वजह है कि हमारे देश में केवल चार प्रतिशत लोग ही अपनी समस्या को बीमारी मानकर इसका उपचार कराने के लिए डॉक्टरी परामर्श लेते हैं। जबकि दूसरे देशों की अपेक्षा हमारे देश में इस बीमारी के मामले कहीं अधिक हैं।
क्या है समस्या - यह समस्या रात को नींद के दौरान हो जाती है। इस समस्या की वजह से सोते समय व्यक्ति की सांस सैकड़ों बार रूक जाती है। श्वसन प्रक्रिया में आने वाले इस अंतर को एप्निया कहा जाता है।
क्या है समस्या - यह समस्या रात को नींद के दौरान हो जाती है। इस समस्या की वजह से सोते समय व्यक्ति की सांस सैकड़ों बार रूक जाती है। श्वसन प्रक्रिया में आने वाले इस अंतर को एप्निया कहा जाता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें