खुशहाल वैवाहिक जीवन को जिंदगी की सबसे बड़ी पूंजी माना गया है। गृहस्थ में रहते हुए व्यक्ति अपने उत्तरदायित्वों को संभालने के साथ जीवन के कई तरह के फलसफे सीखता है। वहीं इसके कई फायदे भी हैं। जिनमें से एक यह कि यह किसी सुरक्षित कवच से कम नहीं है। जी हां, एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि विवाहित मरीजों में किसी भी रोग से लड़ने की क्षमता अविवाहितों की तुलना में ज्यादा होती है।अमेरिकी अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार कैंसर के वह मरीज जो इलाज के समय विवाहित होते हैं वे अविवाहित मरीजों की तुलना में ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं। अध्ययन में पाया गया कि वास्तव में कुछ कैंसर रोगों से बचाव में कीमोथैरेपी की अपेक्षा विवाहित होना ज्यादा प्रभावकारी साबित होता है।
अनुसंधानकर्ता बोस्टन के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के डॉक्टर एयलर आइजर इस अध्ययन के प्रमुख हैं। उनके अनुसार विवाहित मरीजों में इसकीशुरुआती चरण में ही पहचान होने से रोग का समय रहते उचित इलाज हो जाता है। यह मरीजों की जीवन प्रत्याशा बढ़ाने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि अध्ययन से यह पहली बार पता चला है कि कैंसर के प्रमुख रूपों जैसे फेफड़े, स्तन, अग्नाशय, प्रोस्टेट, लिवर, सिर, गर्दन, ओवेरियन और भोजन नलिका के रोगियों के लंबे समय तक जीवित रहने में विवाह कैसे फायदेमंद साबित होता है।
आईजर ने उम्मीद जताई है कि विवाह के कारण मिलने वाली सामाजिक मदद ही लोगों के लिए इस बीमारी से उबरने में मददगार साबित होती है। अध्ययन के परिणाम बताते हंै कि जो मरीज विवाहित नहीं हैं उन्हें बीमारी का पता चलने पर सुधार के लिए दोस्तों की मदद लेना चाहिए और डॉक्टरों से भी लगातार संपर्क करना चाहिए।
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