रविवार, 10 नवंबर 2013

नींद में बार-बार खलल यानी काम पर असर

भरपूर नींद स्वस्थ जीवन की कुंजी होती है। अच्छी नींद का प्रभाव न सिर्फ व्यक्ति की सेहत पर पड़ता है बल्कि उसकी पूरे दिन की  दिनचर्या पर भी यह साफ दिखाई देता है। यह बात कई वैज्ञानिक शोधों में प्रमाणित हो चुकी है। इसके विपरीत रात की नींद में खलल या बार-बार उठने की बीमारी व्यक्ति की कार्यक्षमता पर प्रभाव डालती है।
हाल ही में नीदरलैंड की मॉस्ट्रीक यूनिवर्सिटी में यूरोलॉजी के प्रोफेसर फिलिप वान केरेब्रोक द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है। इसमें प्रो. फिलिप और उनकी टीम ने पाया कि रात की नींद में बार-बार टॉयलेट जाने के लिए उठने वाले लोगों की कार्यक्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके चलते वे वर्कप्लेस पर उतना काम नहीं कर पाते, जितना उन्हें करना चाहिए। यानी कि नींद कम होने से व्यक्ति की प्रोडक्टिविटी घटती है।
कैसे किया अध्ययन 
हालांकि यह अपनी तरह का बिल्कुल अलग ही शोध है। इसमें शोधकर्ताओं ने  261 महिलाओं एवं 385 पुरुषों पर अध्ययन किया, जो रात में बार-बार उठने की आदत से पीड़ित थे।
नॉक्टूरिया का शिकार
रात को टॉयलेट जाने के लिए कई बार जागने की आदत को 'नाक्टूरिया" कहते हैं। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति  सुबह उठने पर खुद को थका हुआ महसूस करता है और इसका प्रभाव उसके सारा दिन के काम पर दिखाई देता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि नाक्टूरिया ग्रसित व्यक्ति  सही से काम नहीं कर पाता जिससे कार्यस्थल पर उसका प्रदर्शन खराब होता है। शोधकर्ता मानते हैं कि एक तिहाई वयस्कों में नाक्टूरिया एक बड़ी समस्या है।

  • नाक्टूरिया से ग्रसित लोगों को सबसे पहले चिकित्सकों से सलाह लेना चाहिए।
  • आहार पर ध्यान देने की जरूरत। 
  • अधिकांश लोग जो शिफ्टों में काम करते हैं, उनकी बायोलॉजिकल क्लॉक के बिगड़ने के कारण उन्हें यह समस्या होती है। इसके लिए दिनचर्या सुधारने की जरूरत है। 

अच्छी नींद से बनते हैं ऊर्जावान 
वैज्ञानिकों का कहना है कि भरपूर नींद लेने से ज्यादा स्वस्थ और सुंदर हो सकते है। गहरी नींद सोने वाला दिनभर तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करता है। उसका मन प्रसन्ना रहता है, वह कई रोगों से भी दूर रहता है। उसके शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है। उसका हर काम में उसका मन भी लगा रहता है। शरीर को रिचार्ज करने और स्वस्थ बनाने के लिए भी भरपूर नींद बहुत जरूर है।

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