रविवार, 10 नवंबर 2013

अच्छी नींद के लिए...

सुबह उठते वक्त अगर आप फ्रेश फील ना करते हों या फिर आपको शरीर में दर्द रहता हो तो हो सकता है कि आप सही तरीके से नहीं सो पा रहे हैं। जरूरी नहीं कि इसकी वजह काम का दबाव या परेशानी हो बल्कि ये खराब मैट्रेस होने के कारण भी हो सकता है।
मैट्रेस अगर आपकी बॉडी टाइप के अनुसार न हो तो शरीर को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता। नतीजा होता है गर्दन, कमर या पीठ में दर्द बना रहना। हो सकता है  कि आपने बेस्ट ब्रांड का सबसे महंगा मैट्रेस खरीदा, फिर भी आपको आराम नहीं पहुंचता तो उसकी कोई उपयोगिता नहीं। कई बार बहुत सॉफ्ट मैट्रेस भी आरामदायक नहीं होते। मैट्रेस लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाली चीज है इसलिए इसे लेने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
कॉयर या फोम वाले मैट्रेस
मैट्रेस लेते समय यही बात दिमाग में बार-बार आती है कि कॉयर (जूट) वाले मैट्रेस ज्यादा अच्छे होते हैं या फिर फोम वाले। दरअसल फोम मैट्रेसेज में दबाव सहने की क्षमता होती है और इससे शरीर का पॉश्चर भी ठीक रहता है जबकि कॉयर बेस वाले मैट्रेस सख्त होते हैं और उस पर एडजस्ट होने के लिए अतिरिक्त दबाव देना पड़ता है। वैसे आजकल मेमोरी फोम मैट्रेस ज्यादा पसंद किए  जा रहे हैं।
सॉफ्ट चुनें संभलकर 
फोम बेस मैट्रेस लेने से पहले ये चेक कर लेना चाहिए कि वह बहुत ज्यादा स्प्रिंगी और सॉफ्ट ना हो। इन दिनों ऐसे फोम मैट्रेस भी मार्केट में हैं जो सॉफ्ट होने के साथ-साथ आपको सपोर्ट भी देते हैं।
यदि हो बैक की परेशानी 
ज्यादातर डॉक्टर्स का यह मानना है कि थोड़े सख्त मैट्रेस उन लोगों के लिए बेहतर होते हैं जिन्हें कमर दर्द की परेशानी होती है। लेकिन फिर भी इन्हें खरीदने से पहले उसपर लेटकर यह चेक जरूर करना चाहिए कि आपके लिए वह आरामदायक है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भ्रम है कि कॉयर मैट्रेस फोम वाले से बेहतर होते हैं। बहुत सख्त या बहुत मुलायम दोनों ही तरह के मैट्रेस लेने से बचना चाहिए। मेमोरी फोम मैट्रेसेज शरीर के पॉश्चर के अनुसार एडजस्ट हो जाते हैं।




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