बीमार होते ही सबसे पहले दिया जाने वाला फल है पपीता। इसलिए अधिकांश लोग इसे मरीजों का फल भी कह देते हंै। मगर यह सिर्फ मरीजों के लिए नहीं बल्कि बड़े, बच्चों सबके लिए फायदेमंद फल है। पौष्टिकता और रस से भरपूर पपीता विटामिन का सबसे अच्छा स्रोत होता है। पेट के रोगों के साथ-साथ इसे आंतों की सफाई करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
पपीते के नियमित उपयोग से शरीर में विटामिन्स की कमी नहीं रहती। इसमें 'पेप्सिन" नामक तत्व पाया जाता है, जो बहुत ही पाचक होता है। इसकी वजह से डॉक्टरों द्वारा भी सबसे पहले मरीजों को इस फल को खाने की हिदायत दी जाती है।
शरीर में 'पेप्सिन" प्राप्त करने का एकमात्र कुदरती साधन पपीता होता है। पपीते का रस प्रोटीन को आसानी से पचा देता है। अधिकांश रोग की उत्पत्ति पेट से ही होती है, इसलिए पेट के विकारों को दूर करने में पपीता महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसे आंखों की रोशनी और त्वचा के लिए अच्छा माना जाता है। वात, पित्त, कफ की समस्या से भी यह फल निजात दिलाता है। वहीं यह इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को भी मजबूत करता है।
क्या-क्या हैं पपीते में
पपीते में विटामिन 'ए", 'बी" और 'सी" भरपूर मात्रा में होता है। पपीता पेप्सिन नामक पाचक तत्व का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है। इसमें कैल्शियम और कैरोटीन भी अच्छी मात्रा में मिलता है। इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का भी यह बेहतर स्रोत है। यानी एक पपीते में भरपूर पौष्टिकता भी समाया हुआ है।
कच्चा और पका दोनों फल काम के
पपीता ऐसा फल है जो कच्चे और पके दोनों रूप में फायदेमंद होता है। कच्चे फल की सब्जी और हलवा बनाया जाता है। इसके अलावा कच्चे पपीते को घाव पर बांधने से घाव आसानी से भर जाते हैं।
पपीते के नियमित उपयोग से शरीर में विटामिन्स की कमी नहीं रहती। इसमें 'पेप्सिन" नामक तत्व पाया जाता है, जो बहुत ही पाचक होता है। इसकी वजह से डॉक्टरों द्वारा भी सबसे पहले मरीजों को इस फल को खाने की हिदायत दी जाती है।शरीर में 'पेप्सिन" प्राप्त करने का एकमात्र कुदरती साधन पपीता होता है। पपीते का रस प्रोटीन को आसानी से पचा देता है। अधिकांश रोग की उत्पत्ति पेट से ही होती है, इसलिए पेट के विकारों को दूर करने में पपीता महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसे आंखों की रोशनी और त्वचा के लिए अच्छा माना जाता है। वात, पित्त, कफ की समस्या से भी यह फल निजात दिलाता है। वहीं यह इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को भी मजबूत करता है।
क्या-क्या हैं पपीते में
पपीते में विटामिन 'ए", 'बी" और 'सी" भरपूर मात्रा में होता है। पपीता पेप्सिन नामक पाचक तत्व का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है। इसमें कैल्शियम और कैरोटीन भी अच्छी मात्रा में मिलता है। इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का भी यह बेहतर स्रोत है। यानी एक पपीते में भरपूर पौष्टिकता भी समाया हुआ है।
कच्चा और पका दोनों फल काम के
पपीता ऐसा फल है जो कच्चे और पके दोनों रूप में फायदेमंद होता है। कच्चे फल की सब्जी और हलवा बनाया जाता है। इसके अलावा कच्चे पपीते को घाव पर बांधने से घाव आसानी से भर जाते हैं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें