रविवार, 10 नवंबर 2013

कुछ यूं छिपाएं उम्र के असर को...

अक्सर बढ़ती उम्र और उसका चेहरे पर दिखता असर हर किसी को परेशान कर देता है, लेकिन इससे बचना हो तो इसका उपाय भी हमारे पास ही रहता है। मगर हर कोई इसकी अनदेखी करने लगता है। जी हां, यह उपाय है हमारी दिनचर्या में बदलाव, खुशी और तनाव से दूर रहना। हम जितना खुश रहेंगे उतना तनाव को खुद से दूर भगाएंगे। यह तनाव ही तो चेहरे पर उम्र की रेखाओं को आसानी से दिखा देता है।
एक नए शोध में इस बात के संकेत मिले हैं कि बढ़ती उम्र के असर को कम किया जा सकता है। इसके लिए न तो कोई क्रीम ईजाद की गई है और न ही कोई फॉर्मूला मिला है। बल्कि इस अध्ययन में जीवनशैली में बदलाव करने का सुझाव दिया गया है। जैसे-तनाव कम करना, खाने में पौष्टिक तत्वों को शामिल करना। इसके अलावा नियमित कसरत। इन सबसे टेलोमीयर की लंबाई बढ़ती है। टेलोमीयर यानी क्रोमोसोम या गुणसूत्रों के सिरे, जो किसी व्यक्ति के बुढ़ापे को नियंत्रित करते हैं। इसलिए अब कहा जा सकता है कि बढ़ती उम्र के असर को रोकना मुमकिन होगा।
जेनेटिक कोड की करता है रक्षा 
टेलोमीयर डीएनए का विस्तार है, जो हमारे जेनेटिक कोड की सुरक्षा करता है। ये क्रोमोसोम को बिखरने से रोकते हैं साथ ही जेनेटिक कोड को स्थिर भी रखते हैं। किसी भी कोशिका के विभाजन के साथ ही टेलोमीयर छोटा हो जाता है यह उस बिंदु तक होता है जब तक कि वृद्ध हो रही कोशिका और विभाजित न हो सके या फिर निष्क्रिय हो जाए या बूढ़ी होकर मर न जाए।
तुलनात्मक अध्ययन 
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने उन 10 पुरुषों पर नजर रखी, जो प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे और उनसे कहा गया कि वे पौधों से मिली चीजों पर आधारित खाना खाएं, व्यायाम करें, योग की मदद से तनाव पर नियंत्रण रखें। इन लोगों के टेलोमीयर की लंबाई शुरुआत में ली गई और फिर पांच साल बाद दोबारा जांच की गई। इसकी तुलना उन 25 लोगों से की गई, जिन्हें जीवनशैली बदलने को नहीं कहा गया था। निर्देशों का पालन न करने वाले लोगों के टेलोमीयर तीन फीसद छोटे हो चुके थे जबकि अच्छी जीवनशैली का पालन करने वाले के टेलोमीयर की लंबाई 10 प्रतिशत बढ़ गई।


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