सोमवार, 11 नवंबर 2013

नाइट शिफ्ट यानी ज्यादा खाना!

नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें नींद की समस्या से लेकर, दिनचर्या में गड़बड़ी और तरह-तरह की परेशानियां मुख्य हैं। अमेरिका में हाल ही में हुए एक शोध में एक और नई बात सामने आई है, वह यह कि दिन के मुकाबले नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोग ज्यादा खाते हैं। यानी नाइट शिफ्ट से शरीर को एक और नुकसान।
225 लोगों पर अध्ययन  
शोध में 22 से 50 वर्ष की उम्र के 225 लोगों को शामिल किया गया। जिसमें उन्हें 18 दिन तक एक स्लीप लैब में रखा गया। इस कक्ष में सभी को निश्चित समय पर खाना दिया गया और कुछ खाना अलग से भी रखा गया, जिसे प्रतिभागी अपनी इच्छा से या भूख लगने पर खा सकते थे।
दो समूहों में बांटा गया 
प्रतिभागी घूम-फिर सकते थे, लेकिन उन्हें व्यायाम करने की मनाही थी। उन्हें टीवी देखने, पढ़ने, वीडियो गेम खेलने और बैठे रहने वाली गतिविधियों को करने की आजादी थी। सभी प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटकर पांच दिनों तक पहले समूह को केवल चार घंटे (सुबह 4 से 8 बजे तक) और दूसरे समूह को 10 घंटे (रात 10 से सुबह 8 बजे तक) सोने को कहा गया।
 अध्ययन में यह पाया 
शोध में दूसरे समूह के मुकाबले पहले समूह के लोगों का वजन बढ़ा हुआ पाया गया। पहले समूह के लोगों ने रात दस बजे से सुबह चार बजे तक काम करने के दौरान ज्यादा खाया। इन लोगों ने रात में जो खाया-पीया उसमें कैलोरी का प्रतिशत अधिक था। इसका कैलोरी प्रतिशत दिन में लिए जाने वाले खाने से अधिक था। अध्ययन से पता चला कि रात में काम करने से वजन तो ज्यादा बढ़ता ही है। असमय खाने से प्रतिदिन खाए जाने वाले खाने का प्रतिशत भी बढ़ जाता है। साथ ही इससे कैलोरी लेने का समय भी बिगड़ जाता है। जिसका असर शरीर पर आसानी से देखा जा सकता है।

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