बच्चों में ऑनलाइन वीडियो गेम का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है लेकिन इसकी लत बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। एक अध्ययन से पता चला है कि ऑनलाइन वीडियो गेम खेलने की आदत न केवल बच्चे को आलसी बनाती है बल्कि जंक फूड के सेवन के लिए प्रेरित करती है। यह सभी जानते हैं कि जंक फूड के सेवन से मोटापा बढ़ता है और यह स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक होता है।
प्रोडक्ट होते हैं प्रमोट
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि ऑनलाइन वीडियो गेम में किसी एक प्रोडक्ट, सर्विस या कंपनी को प्रमोट किया जाता है। उन्होंने पाया कि ऐसे गेम्स की फैट, शुगर और सोडियम से भरपूर फूड को प्रमोट करने की प्रकृति होती है।
कैसे निकाला निष्कर्ष
शोधकर्ताओं ने वेबसाइट पर बच्चों द्वारा खेले जाने वाले करीब 100 एडवरगेम्स (विज्ञापन से संबंधित गेम) के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। अध्ययन के लिए उन्होंने अलग-अलग तरह की 145 वेबसाइट का चुनाव किया, इसमें उन्होंने पाया कि 439 फूड ब्रांड्स को एडवरगेम्स की सहायता से प्रमोट किया जा रहा है।
क्या पाया अध्ययन में
अधिकतर गेम हाई फैट, हाई शुगर और हाई सोडियम प्रोडक्ट से ही संबंधित थे। फूड साइंस एंड ह्यूमन न्यूट्रीशन के एसोसिएट प्रोफेसर लूराइन वेदरस्पून ने बताया कि हमने अध्ययन के दौरान देखा कि बच्चों का झुकाव ऐसे फूड की तरफ ज्यादा था जिनमें कैलोरी की मात्रा ज्यादा थी। ऐसे गेम तेजी से खेले जाते हैं और खेलने में भी आसान होते हैं। इनमें ब्रांड नेम, लोगो, तस्वीर के साथ ही प्रोडक्ट से संबंधित बोलने वाला कैरेक्टर भी होता है।
प्रोडक्ट होते हैं प्रमोट
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि ऑनलाइन वीडियो गेम में किसी एक प्रोडक्ट, सर्विस या कंपनी को प्रमोट किया जाता है। उन्होंने पाया कि ऐसे गेम्स की फैट, शुगर और सोडियम से भरपूर फूड को प्रमोट करने की प्रकृति होती है।
कैसे निकाला निष्कर्ष
शोधकर्ताओं ने वेबसाइट पर बच्चों द्वारा खेले जाने वाले करीब 100 एडवरगेम्स (विज्ञापन से संबंधित गेम) के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। अध्ययन के लिए उन्होंने अलग-अलग तरह की 145 वेबसाइट का चुनाव किया, इसमें उन्होंने पाया कि 439 फूड ब्रांड्स को एडवरगेम्स की सहायता से प्रमोट किया जा रहा है।
क्या पाया अध्ययन में
अधिकतर गेम हाई फैट, हाई शुगर और हाई सोडियम प्रोडक्ट से ही संबंधित थे। फूड साइंस एंड ह्यूमन न्यूट्रीशन के एसोसिएट प्रोफेसर लूराइन वेदरस्पून ने बताया कि हमने अध्ययन के दौरान देखा कि बच्चों का झुकाव ऐसे फूड की तरफ ज्यादा था जिनमें कैलोरी की मात्रा ज्यादा थी। ऐसे गेम तेजी से खेले जाते हैं और खेलने में भी आसान होते हैं। इनमें ब्रांड नेम, लोगो, तस्वीर के साथ ही प्रोडक्ट से संबंधित बोलने वाला कैरेक्टर भी होता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें