शुक्रवार, 29 नवंबर 2013

सूखे मेवों से पाएं सेहत का उपहार

शरीर को एनर्जी देने के लिए अक्सर सूखे मेवे खाने की सलाह दी जाती है और सर्दी के मौसम में तो यह सूखे मेवे स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं। इनसे जहां सर्दियों में बॉडी को हीट मिलती है वहीं यह एनर्जी के सबसे बेहतर स्रोत माने जाते हैं। केवल इतना ही नहीं, हाल ही में किए एक नए शोध में पाया गया है कि सूखे मेवे खाने से कैंसर और हृदय रोगों से होने वाली मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यानी यह 'सोने पर सुहागा" है क्योंकि यह पूरी सेहत प्रदान करते हैं।
नट्स का सेवन लाभदायक
वैज्ञानिकों ने पाया कि तीस वर्ष से अधिक समय से जो लोग नट्स का सेवन कर रहे हैं, उनके रोगों से मरने की आशंका कम होती है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में सूखे मेवों का सेवन करने से बीमारियों से मौत की आशंका औसतन 20 फीसद तक कम हो जाती है।
मोटापे से भी दूरी
हृदय रोगों से मौत का खतरा तीस फीसद और कैंसर से 11 फीसद तक कम हो जाता है। नियमित मेवों का सेवन करने वालों को मोटापे की समस्या भी परेशान नहीं करती। यानी सूखे मेवे आपको मोटापे से भी दूर रखने में मदद करते हैं।
11 हजार अमेरिकियों पर शोध
यह नतीजे 11 हजार अमेरिकी लोगों पर शोध के बाद सामने आए हैं। इन सभी  को सूखे मेवे काफी पसंद थे। मुख्य शोधकर्ता डॉक्टर फुचस का कहना है कि सूखे मेवे खाने का सबसे बड़ा लाभ हृदय रोगों से होने वाली मौतों के आंकड़े में 29 फीसद की कमी आना है। यह अमेरिका में होने वाली मौतों की एक बड़ी वजह है। डॉक्टर फुचस बॉस्टन स्थित डाना-फार्बर कैंसर इंस्टीट्यूट में कार्यरत हैं। यह स्टडी 'न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन" में प्रकाशित हुई है।
कैंसर का खतरा भी कम 
डॉक्टर फुचस ने कहा कि सूखे मेवों से कैंस
र से होने वाली मौतों में भी 11 फीसद की कमी आती है। सूखे मेवे खाने वाले लोग सामान्य लोगों की अपेक्षा अपनी सेहत के प्रति अधिक सजग होते हैं। स्टडी में यह बात भी सामने आई है कि नियमित तौर पर सूखे मेवों का सेवन करने वाले पतले होते हैं, धूम्रपान के प्रति उनका रुझान कम होता है वे अधिक व्यायाम करते हैं और सब्जियों और फलों का सेवन भी अधिक करते हैं।
इस शोध के सह-लेखक प्रोफेसर डॉक्टर जिंग बाओ (बर्मिंघम एंड वूमन्स हॉस्पिटल) का कहना है कि इन सभी विश्लेषणों में यह बात सामने आई है कि लोगों ने जितना अधिक नट्स का सेवन किया तीस वर्षों के फॉलो-अप टाइम में उनकी मौत की आशंका उतनी ही कम हो गई।
क्या कहता है शोध 
वे लोग जो सप्ताह में केवल एक बार नट्स का सेवन करते थे, उनके सभी कारणों से होने वाली मौतों में 11 फीसद की कमी देखी गई वहीं जिन लोगों ने दो से चार बार नट्स का सेवन किया उनमें यह दर 13 फीसद थी और सप्ताह में छह बार इन पदार्थों के सेवन ने मौत की आशंका को 15 फीसद तक कम कर दिया। वे लोग जो रोजाना नट्स का सेवन करते थे उनमें तीन दशकों के समय में 20 फीसद कम मौत की आशंका देखी गई।  

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें