आज की आपाधापी भरी जिंदगी में अधिकांश लोग यदि किसी समस्या से ग्रस्त हैं तो वह है मानसिक तनाव। जिससे दूर रहने में ही समझदारी है, क्योंकि इसका आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। अगर आप भी छोटी-छोटी बातों पर टेंशन लेते हैं या अवसादग्रस्त हैं तो जरा सतर्क हो जाइए, क्योंकि इस टेंशन की वजह से आप भी जल्दी ही बुढ़ापे का शिकार हो सकते हैं।
जी हां, हाल ही में हुए शोध में सामने आया है कि लंबे समय तक अवसाद और तनाव की स्थिति में रहने वाले लोग जैविक तौर पर जल्दी बुढ़ापे के शिकार हो जाते हैं। तनाव का असर किसी भी व्यक्ति के चेहरे पर आसानी से देखा जा सकता है।
कई हैं खतरे
इससे पूर्व के शोधों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि अवसाद पीड़ित व्यक्तियों में कैंसर, डायबिटीज, मोटापे और दिल की बीमारियों के खतरे बढ़ जाते हैं। मगर अब शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया है कि इसके प्रभाव से कोशिकाएं जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं। यानी कि कुल मिलाकर अवसाद सिर्फ शरीर को रोगों से घेरने का काम करता है और यह आप पर नेगेटिव इफेक्ट भी डालता है।
खून के नमूनों में मिले संकेत
अमेरिका और हॉलैंड के शोधकर्ताओं ने 2,407 लोगों पर अध्ययन किया। इनमें से एक तिहाई लोग हाल में अवसाद से जूझ रहे थे। बाकी ने कभी भी इसका अनुभव नहीं किया। इन सभी लोगों के खून के नमूने लिए गए। इनमें कोशिकाओं को बूढ़ा करने वाले संकेतों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ता टेलोमीयर नामक भीतरी कोशिकाओं की संरचना में बदलाव को देखना चाहते थे। जो वास्तविक रूप से तनाव लेने वाले लोगों में मिला। इसका मतलब यह है कि तनाव शरीर की हेल्दी सेल्स को भी डेमेज करने में कोई कसर नहीं छोड़ सकता है। इसलिए यदि आप भी समय से पहले बूढ़े नहीं दिखना चाहते हैं तो सबसे पहले तनाव को अपने आसपास से दूर भगाने की कोशिश कीजिए।
जी हां, हाल ही में हुए शोध में सामने आया है कि लंबे समय तक अवसाद और तनाव की स्थिति में रहने वाले लोग जैविक तौर पर जल्दी बुढ़ापे के शिकार हो जाते हैं। तनाव का असर किसी भी व्यक्ति के चेहरे पर आसानी से देखा जा सकता है।
कई हैं खतरे
इससे पूर्व के शोधों में भी यह बात साबित हो चुकी है कि अवसाद पीड़ित व्यक्तियों में कैंसर, डायबिटीज, मोटापे और दिल की बीमारियों के खतरे बढ़ जाते हैं। मगर अब शोधकर्ताओं ने एक नए अध्ययन में पाया है कि इसके प्रभाव से कोशिकाएं जल्दी बूढ़ी हो जाती हैं। यानी कि कुल मिलाकर अवसाद सिर्फ शरीर को रोगों से घेरने का काम करता है और यह आप पर नेगेटिव इफेक्ट भी डालता है।
खून के नमूनों में मिले संकेत
अमेरिका और हॉलैंड के शोधकर्ताओं ने 2,407 लोगों पर अध्ययन किया। इनमें से एक तिहाई लोग हाल में अवसाद से जूझ रहे थे। बाकी ने कभी भी इसका अनुभव नहीं किया। इन सभी लोगों के खून के नमूने लिए गए। इनमें कोशिकाओं को बूढ़ा करने वाले संकेतों का विश्लेषण किया गया। शोधकर्ता टेलोमीयर नामक भीतरी कोशिकाओं की संरचना में बदलाव को देखना चाहते थे। जो वास्तविक रूप से तनाव लेने वाले लोगों में मिला। इसका मतलब यह है कि तनाव शरीर की हेल्दी सेल्स को भी डेमेज करने में कोई कसर नहीं छोड़ सकता है। इसलिए यदि आप भी समय से पहले बूढ़े नहीं दिखना चाहते हैं तो सबसे पहले तनाव को अपने आसपास से दूर भगाने की कोशिश कीजिए।

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