अभी तक अधिकांश लोग यह जानते हैं कि डायबिटीज की बड़ी वजह मोटापा है लेकिन क्या आपको यह पता है कि मोटापे के साथ-साथ विटामिन 'डी" की कमी भी इस रोग की बड़ी वजह है।
'डायबिटीज केयर जर्नल" में प्रकाशित शोध की मानें तो अगर मोटापे और विटामिन 'डी" की समस्या किसी व्यक्ति को एकसाथ हो तो शरीर में इंसुलिन की मात्रा को असंतुलित करने वाली इस बीमारी की आशंका और भी बढ़ सकती है।
6000 लोगों पर अध्ययन
इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने लगभग 6000 लोगों से जुड़ी जानकारी का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि जो व्यक्ति मोटापे से परेशान हैं लेकिन उनके शरीर में विटामिन 'डी" की पर्याप्त मात्रा है, उनमें साधारण व्यक्तियों की तुलना में इंसुलिन असंतुलन की संभावना बीस गुना अधिक थी। लेकिन जिन व्यक्तियों में मोटापा होने के साथ विटामिन 'डी" का अभाव, दोनों लक्षण दिखाई दे रहे थे, उनमें यह आशंका 32 गुना अधिक थी।
क्या कहते हैं निष्कर्ष
शोध के निष्कर्षों के अनुसार स्वतंत्र रूप से यह दोनों वजहें जिस अनुपात में इंसुलिन के असंतुलन कि वजह बन सकती हैं, उससे बहुत अधिक मात्रा में इस समस्या की आशंका इन दोनों घटकों के एक साथ होने से बढ़ सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस अध्ययन के आधार पर मधुमेह से निपटने में विटामिन 'डी" का इंजेक्शन प्रभावी विकल्प हो सकता है। भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे देश में सूर्य का प्रकाश और दूध अच्छी मात्रा में उपलब्ध है। लेकिन फिर भी हमारे यहां 30 से 70 प्रतिशत लोगों में विटामिन 'डी" की कमी है। यही कारण है कि विटामिन 'डी" की कमी, मधुमेह की बीमारी होने की वजह ना बनकर इस बीमारी को बढ़ाने की वजह बन सकती है।
'डायबिटीज केयर जर्नल" में प्रकाशित शोध की मानें तो अगर मोटापे और विटामिन 'डी" की समस्या किसी व्यक्ति को एकसाथ हो तो शरीर में इंसुलिन की मात्रा को असंतुलित करने वाली इस बीमारी की आशंका और भी बढ़ सकती है।
6000 लोगों पर अध्ययन
इस शोध के लिए वैज्ञानिकों ने लगभग 6000 लोगों से जुड़ी जानकारी का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि जो व्यक्ति मोटापे से परेशान हैं लेकिन उनके शरीर में विटामिन 'डी" की पर्याप्त मात्रा है, उनमें साधारण व्यक्तियों की तुलना में इंसुलिन असंतुलन की संभावना बीस गुना अधिक थी। लेकिन जिन व्यक्तियों में मोटापा होने के साथ विटामिन 'डी" का अभाव, दोनों लक्षण दिखाई दे रहे थे, उनमें यह आशंका 32 गुना अधिक थी।
क्या कहते हैं निष्कर्ष
शोध के निष्कर्षों के अनुसार स्वतंत्र रूप से यह दोनों वजहें जिस अनुपात में इंसुलिन के असंतुलन कि वजह बन सकती हैं, उससे बहुत अधिक मात्रा में इस समस्या की आशंका इन दोनों घटकों के एक साथ होने से बढ़ सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस अध्ययन के आधार पर मधुमेह से निपटने में विटामिन 'डी" का इंजेक्शन प्रभावी विकल्प हो सकता है। भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे देश में सूर्य का प्रकाश और दूध अच्छी मात्रा में उपलब्ध है। लेकिन फिर भी हमारे यहां 30 से 70 प्रतिशत लोगों में विटामिन 'डी" की कमी है। यही कारण है कि विटामिन 'डी" की कमी, मधुमेह की बीमारी होने की वजह ना बनकर इस बीमारी को बढ़ाने की वजह बन सकती है।

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