मंगलवार, 26 नवंबर 2013

हर चीज की अति है बुरी

यूं तो हर चीज को उसके सामान्य स्तर पर किया जाए तो वह अच्छी लगती है। मगर यदि खाने-पीने, बोलचाल या फिर किसी भी अन्य तरह के काम करने को लेकर अति की जाए तो यह बुरी ही साबित होती है। यही बात शोधकर्ताओं ने कसरत को लेकर भी साबित की है। शोधकर्ताओं का कहना है कि कसरत आपकी सेहत को दुरुस्त बनाती है लेकिन साथ ही यह भी सच है कि ज्यादा व्यायाम करना और पसीना बहाना आपके लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। एक अध्ययन के बाद विशेषज्ञों ने दावा किया है कि अधिक कसरत करना भी उतना ही हानिकारक हो सकता है जितना बिल्कुल भी कसरत न करना।
अध्ययन से सामने आए तथ्यों के बाद बताया गया कि जो किशोर ज्यादा कसरत करते हैं उनके चिंताग्रस्त होने की आशंका बढ़ जाती है। साथ ही उनके आत्मविश्वास में भी कमी देखने को मिलती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि हर सप्ताह 17.5 घंटे से अधिक कसरत करने वाले किशोर और किशोरियों की सेहत ऐसी ही थी, जैसे सप्ताह में साढ़े तीन घंटे कसरत करने वाले उनके हम उम्रों की थी।
नियमित कसरत है फायदेमंद
शोधकर्ताओं ने कहा कि नियमित कसरत करने का सकारात्मक प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है। व्यायाम करने से हमारी शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत दुरुस्त होती है। कसरत चिंता और तनाव को दूर करती है और आत्मविश्वास व मस्तिष्क की शक्ति दोनों को बढ़ाती है।
मगर ज्यादा का नतीजा बुरा 
अब नए अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ है कि ज्यादा कसरत करने का नतीजा भी अच्छा नहीं होता है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग यह मानते हैं कि ज्यादा कसरत करने से ज्यादा फायदा होता है। ऐसा सोचकर वे ज्यादा व्यायाम करने लगते हैं लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। हालांकि ऐसा मानने वाले लोगों की संख्या ज्यादा नहीं है।  

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