अक्सर कहा जाता है कि 'प्यार अंधा होता है"। इसलिए इसमें यही कहावत जुड़ती है कि 'एवरिथिंग इज फेयर इन लव एंड वॉर"। हालांकि लव इमोशन्स को सबसे बैटर स्ट्रेन्थ कहा जाए तो यह गलत न होगा। मगर लेडेन यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसे तथ्य भी बताए हैं, जो कभी-कभी इस स्ट्रेन्थ प्वाइंट को वीक भी कर सकते हैं। हालांकि इनके प्रभाव से बचा भी जा सकता है, लेकिन इसके लिए अलर्टनेस जरूरी है।शोध के अनुसार प्यार में पड़ने वाले लोगों का ब्रेन चीजों पर फोकस नहीं कर पाता है, इसका विपरीत असर उनकी कार्यक्षमता पर पड़ता है और वे बेहतर तरीके से काम नहीं कर पाते। लैक ऑफ कॉन्संट्रेशन की वजह से इसका खामियाजा प्यार में पड़े लोगों के हिस्से में आ जाता है।
शोधकर्ता वैन स्टीनबर्जेन के अनुसार जब आप प्यार में शुमार होते हैं, खासतौर पर शुरुआती दौर में तो उसके अलावा दूसरी चीजों पर ध्यान केंद्रित करना किसी के लिए भी मुश्किल हो जाता है और वह कहीं भी फोकस नहीं कर पाते हैं। शोध में ऐसे लोगों का प्रतिशत लगभग 43 पाया गया है।
बड़ी संख्या में लोग शामिल
'मोटिवेशन एंड इमोशन जर्नल" में प्रकाशित शोध के शोधकर्ताओं ने प्यार में डूबे लोगों से उनके व्यक्तिगत जीवन और कार्यक्षेत्र से जुड़े सवालों के आधार पर जानकारी एकत्रित की है।
धीरे-धीरे कम हो जाती है समस्या
शोधकर्ताओं ने यह भी माना है कि संबंध पुराना होने के साथ-साथ यह समस्या अपने आप कम होने लगती है और लोग विभिन्ना कार्यों के प्रति ध्यान केंद्रित करने को लेकर संतुलन कायम करने लगते हैं। शोधकर्ताओं ने यह नतीजा पुरुषों और महिलाओं दोनों पर प्रभावी माना है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें