सर्दियों के मौसम में गुनगुनी धूप न सिर्फ आपको गर्माहट का एहसास दिलाती है बल्कि दिल की दवा भी होती है। जनाब, यह किसी शायर की कल्पना नहीं है बल्कि वैज्ञानिकों का दावा है।
हाल ही एक शोध में माना गया है कि धूप की मदद से हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों का बीपी कम करने और उन्हें हार्ट अटैक व स्ट्रोक से बचाने में मदद मिल सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ हैंपटन एंड ईडनबर्ग के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि धूप त्वचा और खून में नाइट्रोजन ऑक्साइड के कणों को छानने में मदद करती है, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।
शोधकर्ता व प्रोफेसर मार्टिन फ्लीसिक के अनुसार नाइट्रोजन ऑक्साइड के त्वचा में प्रवेश को अगर रोका जाए तो यह खून तक नहीं पहुंच पाता है और ब्लड सर्क्युलेशन तेज नहीं होता। इससे हाई बीपी के मरीजों को हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे खतरों से बचाव में मदद मिल सकती है।
हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी माना है कि बहुत अधिक धूप में रहना भी त्वचा के कैंसर का रिस्क अधिक है इसलिए बहुत अधिक धूप और अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के नुकसान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह शोध 'जर्नल ऑफ इन्वेस्टिगेटिव डर्मेटोलॉजी" में प्रकाशित हुआ है।
हाल ही एक शोध में माना गया है कि धूप की मदद से हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों का बीपी कम करने और उन्हें हार्ट अटैक व स्ट्रोक से बचाने में मदद मिल सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ हैंपटन एंड ईडनबर्ग के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में पाया कि धूप त्वचा और खून में नाइट्रोजन ऑक्साइड के कणों को छानने में मदद करती है, जिससे ब्लड प्रेशर कम हो जाता है।
शोधकर्ता व प्रोफेसर मार्टिन फ्लीसिक के अनुसार नाइट्रोजन ऑक्साइड के त्वचा में प्रवेश को अगर रोका जाए तो यह खून तक नहीं पहुंच पाता है और ब्लड सर्क्युलेशन तेज नहीं होता। इससे हाई बीपी के मरीजों को हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसे खतरों से बचाव में मदद मिल सकती है।
हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी माना है कि बहुत अधिक धूप में रहना भी त्वचा के कैंसर का रिस्क अधिक है इसलिए बहुत अधिक धूप और अल्ट्रा वॉयलेट किरणों के नुकसान को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह शोध 'जर्नल ऑफ इन्वेस्टिगेटिव डर्मेटोलॉजी" में प्रकाशित हुआ है।
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