रविवार, 2 फ़रवरी 2014

शराब है खराब...

मध्यम आयु के जो पुरुष बहुत अधिक शराब का सेवन करते हैं, उनके मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है। जर्नल न्यूरोलॉजी में प्रकाशित हालिया शोध में यह बात कही गई है। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के शोधकर्ताओं ने पाया कि उम्र के चौथे और पांचवें दशक में जो पुरुष अधिक शराब का सेवन करते हैं, उन्हें आगे चलकर मस्तिष्क संबंधी परेशानियां अधिक होती हैं। वहीं दूसरी ओर महिलाओं में इसका कोई बड़ा दुष्प्रभाव नजर नहीं आया, भले ही उन्होंने कितनी ही मात्रा में शराब क्यों न पी हो। हालांकि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि महिलाएं इस बात में बेरोक-टोक हो जाएं। क्योंकि महिलाओं में शराब के सेवन से दूसरे कई साइड इफेक्ट्स होते हैं।
 वैज्ञानिकों ने सात हजार महिलाओं और पुरुषों पर दस साल तक शोध किया। इस दौरान उनके अल्कोहल के सेवन पर नजर रखी गई, साथ ही वैज्ञानिकों ने उनके संज्ञानात्मक स्वास्थ्य पर भी नजर रखी। कुछ शोधकर्ताओं ने पुरुषों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों जैसे- वर्किंग मैमोरी में दिक्कत, समस्या का समाधान करने की स्किल, कारण तलाशने की क्षमता आदि महिलाओं में भी पाए जाने की बात कही। लेकिन यह नतीजे इतने दृढ़ नहीं थे कि उन्हें सत्य मान लिया जाए। पुरुषों में पर किए गए अध्ययन को पूरी तरह से सटीक माना गया। पुरुष यदि अपनी कार्यक्षमता बनाये रखना चाहते हैं तो उन्हें दिन में 36 ग्राम यानी ढाई पैग से अधिक शराब नहीं पीनी चाहिए। वे पुरुष जो नियमित रूप से इस मात्रा से अधिक शराब का सेवन करते हैं, उनमें मानसिक असक्षमतायें सामान्य पुरुषों के मुकाबले जल्दी शुरू हो जाती हैं। 

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