ऐसे कई कारण हैं जब कुछ लोगों के लिए डाइटिंग काम नहीं करती है। इनमें से कुछ कारण डाइटिंग की मूल अवधारणा में होते हैं। अगर आप नियमित रूप से कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करना चाहते हैं तो आप में ज्यादा शक्ति होना चाहिए। लेकिन हममें से ज्यादातर लोगों के पास न ही समय होता है और न ही ऊर्जा। आइए जानते हैं कुछ ऐसे महत्वपूर्ण कारण जिसकी वजह से आपका वजन कम नहीं हो रहा है, वह भी डाइटिंग करने के बावजूद।
* बहुत ज्यादा व्यस्त होना :
डाइटिंग के असर न करने का मुख्य कारण यह है कि ज्यादातर लोग बहुत ज्यादा व्यस्त रहते हंै और खान-पान के नियम का स्थाई रूप से अनुसरण नहीं कर पाते। ज्यादातर प्रोग्राम के लिए नियमित योजना की जरूरत होती है। ऐसे में हम कई बार डाइटिंग को बरकरार नहीं रख सकते।
* जरूरत से ज्यादा खाना :
धीरे-धीरे खाएं और भूख लगने की निशानियों पर ध्यान दें। अपने शरीर की जरूरतों का ध्यान रखें और अपने वजन को बनाए रखें।
* इच्छाशक्ति चाहिए :
लाइफस्टाइल में बदलाव नहीं डाइटिंग के लिए जरूरी है कि आप नियमों का सख्ती के साथ पालन करें। इसके लिए बहुत ज्यादा इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। हममें से ज्यादातर लोगों में इसका अभाव देखने को मिलता है। अगर आप डाइटिंग में सफल होना चाहते हैं और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको तयशुदा नियमों का पालन तो करना होगा।
* भूखे रहना नहीं है उपाय :
डाइटिंग के लिए एक खास किस्म का पैटर्न प्रचलन में है। इसमें एक दो हफ्ते का इंडक्शन फेज होता है। आमतौर पर इस फेज में भोजन बिल्कुल भी नहीं लिया जाता है। बेशक इससे आपका वजन कम होगा, मगर इस प्रक्रिया में आप बीमार भी पड़ सकते हैं। वहीं जब आप धीरे-धीरे भोजन की मात्रा बढ़ाना शुरू करेंगे तो वजन का फिर से बढ़ जाने का खतरा बना रहेगा। आप अपने आपको किसी भी चीज से जबरन वंचित न करें। जहां तक हो सके अपने विवेक का इस्तेमाल करें।
* खाना आनंददायक होता है :
अपने पसंदीदा भोजन को पूरी तरह से छोड़ने की बजाय उसे सोच-समझ कर खाएं। दूसरी बात यह है कि जब किसी भोजन को खाने के बाद उसका स्वाद बहुत अच्छा न लगने लगे तो उसे खाना बंद कर दें। बिना उद्देश्य के भोजन का सेवन न करें। इससे आपको जल्द ही कुछ बदलाव नजर आने लगेंगे।
* भोजन का आनंद भी लें :
इसे नियंत्रित भी करें और साथ ही यह सीखने की कोशिश भी करें कि कैसे भोजन का आनंद लेकर भी इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जल्द ही आप यह पाएंगे कि आपने अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर लिया है।
* बहुत ज्यादा व्यस्त होना :
डाइटिंग के असर न करने का मुख्य कारण यह है कि ज्यादातर लोग बहुत ज्यादा व्यस्त रहते हंै और खान-पान के नियम का स्थाई रूप से अनुसरण नहीं कर पाते। ज्यादातर प्रोग्राम के लिए नियमित योजना की जरूरत होती है। ऐसे में हम कई बार डाइटिंग को बरकरार नहीं रख सकते।
* जरूरत से ज्यादा खाना :
धीरे-धीरे खाएं और भूख लगने की निशानियों पर ध्यान दें। अपने शरीर की जरूरतों का ध्यान रखें और अपने वजन को बनाए रखें।
* इच्छाशक्ति चाहिए :
लाइफस्टाइल में बदलाव नहीं डाइटिंग के लिए जरूरी है कि आप नियमों का सख्ती के साथ पालन करें। इसके लिए बहुत ज्यादा इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। हममें से ज्यादातर लोगों में इसका अभाव देखने को मिलता है। अगर आप डाइटिंग में सफल होना चाहते हैं और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको तयशुदा नियमों का पालन तो करना होगा।
* भूखे रहना नहीं है उपाय :
डाइटिंग के लिए एक खास किस्म का पैटर्न प्रचलन में है। इसमें एक दो हफ्ते का इंडक्शन फेज होता है। आमतौर पर इस फेज में भोजन बिल्कुल भी नहीं लिया जाता है। बेशक इससे आपका वजन कम होगा, मगर इस प्रक्रिया में आप बीमार भी पड़ सकते हैं। वहीं जब आप धीरे-धीरे भोजन की मात्रा बढ़ाना शुरू करेंगे तो वजन का फिर से बढ़ जाने का खतरा बना रहेगा। आप अपने आपको किसी भी चीज से जबरन वंचित न करें। जहां तक हो सके अपने विवेक का इस्तेमाल करें।
* खाना आनंददायक होता है :
अपने पसंदीदा भोजन को पूरी तरह से छोड़ने की बजाय उसे सोच-समझ कर खाएं। दूसरी बात यह है कि जब किसी भोजन को खाने के बाद उसका स्वाद बहुत अच्छा न लगने लगे तो उसे खाना बंद कर दें। बिना उद्देश्य के भोजन का सेवन न करें। इससे आपको जल्द ही कुछ बदलाव नजर आने लगेंगे।
* भोजन का आनंद भी लें :
इसे नियंत्रित भी करें और साथ ही यह सीखने की कोशिश भी करें कि कैसे भोजन का आनंद लेकर भी इसे नियंत्रित किया जा सकता है। जल्द ही आप यह पाएंगे कि आपने अपनी जिंदगी को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर लिया है।
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