बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

तांबा दिलाता है घातक संक्रमण से राहत

तांबे के फायदों के बारे में तो सभी लोग जानते ही हैं लेकिन हाल ही में तांबे की मदद से प्रसव के बाद हुई सर्जरी के कारण एक महिला में फैले संक्रमण को ठीक कर कमाल का उदाहरण पेश किया गया है।
दरअसल ब्रिटेन के सरी शहर की 30 वर्षीय एक महिला गेमा के शरीर में अपने पहले बच्चे को जन्म देते समय संक्रमण फैल गया था। शिशु का जन्म सिजेरियन हुआ जिस कारण महिला के जख्म ड्रग प्रतिरोधी सुपरबग एमआरएसए से संक्रमित हो गए। संक्रमण के कारण जख्म काफी गंभीर हो गए और उनमें बदबू आने लगी थी। इस संक्रमण को दूर करने के लिए काफी मेहनत व पैसा खर्च किया गया लेकिन ज्यादा लाभ नहीं हुआ। गेमा ने बताया कि कुछ समय पहले ही 5 हजार रुपए में खरीदे एक पायजामे को पहनकर उनके जख्म पूरी तरह से भर गए। दरअसल फैब्रिक से बने इस पायजामे में तांबे के धागों का प्रयोग किया गया है। साउथैम्पटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बिल केविल इस संदर्भ में बताते हैं कि कपड़े में तांबे की मौजूदगी भी विषाणुओं को मारने में सक्षम होती है।
*सदियों से हो रहा है प्रयोग :
विषाणुओं को दूर करने के लिए तांबे का प्रयोग सदियों से चला आ रहा है। प्राचीन मिस्रवासी जख्मों की मरहम-पट्टी के लिए तांबे का प्रयोग किया करते थे। यही नहीं रोम और यूनान के नाविक भी पानी को सड़ने से बचाने के लिए उसमें तांबे का सिक्का डालकर रखते थे।
आज भी पानी को शुद्ध रखने के लिए तांबे के बर्तन में रखने में हिदायत दी जाती है। इसके अलावा कई घरों में आज भी तांबे के बर्तनों का उपयोग विशेषकर इसलिए ही किया जाता है ताकि बीमारियों से दूर रहा जा सके।  

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