कई बार नियमित इंसुलिन का डोज लेने के बावजूद ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण से बाहर रहता है। गलतफहमी में लोग इसे बेअसर मान लेते हैं और इंसुलिन का इस्तेमाल ही बंद कर देते हैं। ऐसे में समस्या और गंभीर हो जाती है।
इंसुलिन खरीदते वक्त यह सुनिश्चित कर लें कि वह सही है या नहीं। हालांकि इसे देखकर असली-नकली का पता लगाना मुश्किल है। कई बार हम इंसुलिन के रंग से उसके असली-नकली होने का अंदाजा लगा सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए किसी अधिकृत केमिस्ट से ही इसे खरीदें और इसका बिल लें। इसके साथ ही यह भी जांच लें कि इंसुलिन के स्टोरेज में तापमान के मानक का ध्यान रखा गया है या नहीं। इसकी क्वालिटी बरकरार रखने के लिए इसे 8 से 10 डिग्री तापमान पर रखना चाहिए।
* क्या रखें सावधानी :
केमिस्ट की दुकान से घर तक लाने और घर में इसे स्टोर करने में भी तापमान का ध्यान रखना जरूरी है। कई बार लोग इसे स्कूटर पर दूर-दूर से गर्मी में लेकर आते हैं या गाड़ी में इंसुलिन रख लेते हैं। पार्किंग में धूप में गाड़ी खड़ी रहने से इंसुलिन खराब हो जाती है। सही तापमान मेनटेन न होने से भी इंसुलिन का असर कम हो जाता है और इस्तेमाल के बावजूद आपकी समस्या बढ़ती रहती है। डायबीटीज को नियंत्रण में रखने के लिए डॉक्टर की सलाह पर इंसुलिन लेने से हिचकिचाएं नहीं, क्योंकि इसके बिना आपकी समस्या बढ़कर किडनी, लिवर, आंखों और हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंगों को अपनी चपेट में ले सकती है और आपका जीवन मुश्किल में डाल सकती है।
* किसे पड़ती है इंसुलिन की जरूरत :
शुगर के वे मरीज, जिनको दिल की बीमारी हो या लकवा का अटैक हो चुका हो, आंखों की बीमारी हो, इंफेक्शन हो, टीबी हो या ऑपरेशन होनेवाला हो। डायबीटीज से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को। जब दवाओं से डायबीटीज कंट्रोल में न आ रहा हो। किसी वजह से मरीज सुबह या शाम को इंजेक्शन लगाना भूल जाता है तो मरीज को दो इंजेक्शन एक साथ कभी भी नहीं लगाने चाहिए। कभी मरीज को लगता है कि आज खाने पर कंट्रोल नहीं हो पाएगा तो वह इंसुलिन की मात्रा बढ़ा सकता है।
* इंसुलिन लेने का सही तरीका :
- डायबीटीज के मरीज सिरिंज और इंसुलिन की शीशी के बजाय इंसुलिन पेन का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
- इंसुलिन का इंजेक्शन हमेशा खाने से पहले लगाना चाहिए। सुबह नाश्ता करने से और रात में डिनर करने से 15-20 मिनट पहले इंसुलिन का इंजेक्शन लगाना चाहिए। दो इंजेक्शनों के बीच 10-12 घंटों का फासला होना जरूरी है। खाने के एकदम साथ न लगाएं क्योंकि ऐसा करने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। इंसुलिन को ठंडी और साफ जगह पर रखें।
इंसुलिन खरीदते वक्त यह सुनिश्चित कर लें कि वह सही है या नहीं। हालांकि इसे देखकर असली-नकली का पता लगाना मुश्किल है। कई बार हम इंसुलिन के रंग से उसके असली-नकली होने का अंदाजा लगा सकते हैं। इस समस्या से बचने के लिए किसी अधिकृत केमिस्ट से ही इसे खरीदें और इसका बिल लें। इसके साथ ही यह भी जांच लें कि इंसुलिन के स्टोरेज में तापमान के मानक का ध्यान रखा गया है या नहीं। इसकी क्वालिटी बरकरार रखने के लिए इसे 8 से 10 डिग्री तापमान पर रखना चाहिए।
* क्या रखें सावधानी :
केमिस्ट की दुकान से घर तक लाने और घर में इसे स्टोर करने में भी तापमान का ध्यान रखना जरूरी है। कई बार लोग इसे स्कूटर पर दूर-दूर से गर्मी में लेकर आते हैं या गाड़ी में इंसुलिन रख लेते हैं। पार्किंग में धूप में गाड़ी खड़ी रहने से इंसुलिन खराब हो जाती है। सही तापमान मेनटेन न होने से भी इंसुलिन का असर कम हो जाता है और इस्तेमाल के बावजूद आपकी समस्या बढ़ती रहती है। डायबीटीज को नियंत्रण में रखने के लिए डॉक्टर की सलाह पर इंसुलिन लेने से हिचकिचाएं नहीं, क्योंकि इसके बिना आपकी समस्या बढ़कर किडनी, लिवर, आंखों और हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंगों को अपनी चपेट में ले सकती है और आपका जीवन मुश्किल में डाल सकती है।
* किसे पड़ती है इंसुलिन की जरूरत :
शुगर के वे मरीज, जिनको दिल की बीमारी हो या लकवा का अटैक हो चुका हो, आंखों की बीमारी हो, इंफेक्शन हो, टीबी हो या ऑपरेशन होनेवाला हो। डायबीटीज से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को। जब दवाओं से डायबीटीज कंट्रोल में न आ रहा हो। किसी वजह से मरीज सुबह या शाम को इंजेक्शन लगाना भूल जाता है तो मरीज को दो इंजेक्शन एक साथ कभी भी नहीं लगाने चाहिए। कभी मरीज को लगता है कि आज खाने पर कंट्रोल नहीं हो पाएगा तो वह इंसुलिन की मात्रा बढ़ा सकता है।
* इंसुलिन लेने का सही तरीका :
- डायबीटीज के मरीज सिरिंज और इंसुलिन की शीशी के बजाय इंसुलिन पेन का इस्तेमाल कर सकते हैं, क्योंकि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
- इंसुलिन का इंजेक्शन हमेशा खाने से पहले लगाना चाहिए। सुबह नाश्ता करने से और रात में डिनर करने से 15-20 मिनट पहले इंसुलिन का इंजेक्शन लगाना चाहिए। दो इंजेक्शनों के बीच 10-12 घंटों का फासला होना जरूरी है। खाने के एकदम साथ न लगाएं क्योंकि ऐसा करने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है। इंसुलिन को ठंडी और साफ जगह पर रखें।
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