गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

अच्छी नींद का विचार भी देता है दिमाग को धार

दिमाग को दुरुस्त रखने के लिए नींद सबसे जरूरी है। ऐसा तो सभी जानते हैं लेकिन हाल ही में हुए एक शोध से यह बात सामने आई है कि अच्छी नींद के बारे में सोचने मात्र से ही दिमाग तेज हो सकता है!
यकीन नहीं होता ना, मगर यह सच है। कोलेराडो कॉलेज के शोधकर्ताओं के अनुसार भरपूर नींद लेने के बजाय अगर आप अच्छी नींद के बारे में सोच भी लें तो इससे आपकी याददाश्त और दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शोधकर्ता क्रिस्टीना ड्रैगनिक और क्रिस्टी एर्डल ने छात्रों पर किए शोध से यह बात मानी कि जो छात्र अच्छी नींद न हो पाने के बाद भी यह मानकर चलते हैं कि उनकी नींद अच्छी हुई है, वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। शोधकर्ताओं ने इस मानसिक अवस्था को 'प्लेसबो स्लीप" नाम दिया है और यह भी माना है कि इसका हमारे मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
यह शोध 'जर्नल ऑफ एक्सपरिमेंटल साइकोलॉजी लर्निंग, मेमोरी एंड कॉग्नीशन" में प्रकाशित हुआ है। हालांकि इससे शरीर को क्या नकारात्मक परिणाम भुगतना पड़ सकता है, इस पर शोधकर्ता अध्ययन कर रहे हैं। इसलिए यह नहीं मान सकते हैं कि यह नींद का पूरी तरह सेहतमंद विकल्प हो सकता है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें