रविवार, 2 फ़रवरी 2014

मटमैला कंद है जीवन का मूल

जिमिकंद! देखने में मिट्टी का रंग है लेकिन इनके गुण्ा इतने कि कई रोगों से मुक्ति दिला दे। जिमिकंद बवासीर से लेकर कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों से बचाए रखता है। हिमाचल प्रदेश्ा के बिलासपुर के जुखाला क्षेत्र में होने वाले जिमिकंद को अब 'पालम" नाम देते हुए प्रमाण्ाित करवा लिया गया है। दावा यह है कि यह जिमिकंद आम जिमिकंद से आगे निकलकर खाने वाले का श्ाारीरिक भला एवं उगाने वाले का आर्थिक भला करता है।
 मुख्यत: श्रीलंका में प्रचुर मात्रा में उगने वाले इस कंद का उत्पादन दक्षिण्ा पूर्वी देश्ाों में अधिक होता है। भारत में पश्चिमी बंगाल में यह अधिक होता है लेकिन 'पालम" प्रजाति हिमाचल की जड़ों का गुण्ागान करवाएगी।
जिमिकंद में रोगों से भिड़ने के सभी गुण्ा कैल्श्ाियम ऑक्सलेट के कारण्ा पाए जाते हैं। पालम की उपज अच्छी और किसानों के लिए फायदेमंद होगी। यह दावा कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के सब्जी वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र सिंह का।
डॉ. सिंह के अनुसार जुखाला क्षेत्र के लोग कहते थे कि उनके जिमिकंद में कुछ खास है और पंजाब में यह बाकियों से हटकर ज्यादा कीमत पर बिकता है। बस वहीं से श्ाोध का सूत्र मिला। इस दौरान उन्होंने पाया कि जुखाला के जिमिकंद में बाकी जिमिकंद के मुकाबले तीखापन ज्यादा है। यह कैल्श्ाियम ऑक्सलेट की मात्रा ज्यादा होने के कारण्ा ही होता है। अपनी विश्ोषताओं के कारण्ा अब यह राज्य बीज प्रमाण्ाीकरण्ा एजेंसी से पंजीकरण्ा का हकदार भी हो गया है। त्रासदी यह रही कि यह कुछ हिस्सों में ही उगाकर स्थानीय मंडियों में बेचा जाता रहा। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एसके घाबरूव डॉ. रविंद्र सिंह कहते हैं कि यह श्ाोध केंद्र सरकार द्वारा देश्ाभर में स्थानीय स्तर के उन उत्पादों के गुण्ाों की विश्ोष पहचान करने के लिए श्ाोध कार्यक्रम के तहत चार वर्ष पूर्व से जारी है।
*औषधीय गुणों से भरपूर :
इससे पहले प्रदेश्ा सरकार की इस संबंध में गठित समिति ने भी ऐसा करने की स्वीकृति दी थी। अब तक के श्ाोध में खुलासा हुआ है कि प्रदेश्ा में होने वाले जिमिकंद से हटकर जुखाला का जिमिकंद विश्ोष है क्योंकि इसमें औषधीय गुण्ा सबसे ज्यादा हैं। डॉ. सिंह के अनुसार जुखाला जिमिकंद के सैंपल लुधियाना के एक संस्थान में विश्लेषण्ा के लिए भेजे हैं, वहां से और स्पष्ट होगा कि किस रोग के लिए इसमें कितनी प्रतिरोधक क्षमता है। वे कहते हैं कि प्रदेश्ा में पहली पहचानी और प्रमाण्ाित इस किस्म को निचले व मध्य हिमाचल के श्ािवालिक रेंज में उगाया जा सकता है। बंदरों से प्रभावित इलाकों में किसानों के लिए एक नकदी फसल के रूप में बेहतर विकल्प हो सकता है।
*पालम जिमिकंद की विश्ोषताएं :
-जिमिकंद कैंसर रोधी
-कोलेस्ट्रॉल कम करता है
-श्ाुगर के मरीजों के लिए लाभप्रद
-यह एंटासिड है यानी अम्ल नहीं बनने देता
-बवासीर के रोगियों के लिए भी गुणकारी
-कीट व रोग बेहद कम लगते हैं
-उत्पादन भी अन्य प्रजातियों की तुलना में अधिक  

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