सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

क्यों लगती है इतनी भूख

पेट में चूहे दौड़ रहे हैं? अरे नहीं, ये आपके हंगर हार्मोन्स हैं, जो आपको कुछ खाने के लिए उकसा रहे हैं। इनके नाम हैं ग्रेलिन, कोर्टिसोल और लेप्टिन। जब भी आपका पेट खाली होता है, ये हार्मोन आपको सूचना देना शुरू कर देते हैं।
अच्छी बात यह है कि इन्हें आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है और आप ज्यादा खाने से बच सकते हैं।
* पूरी नींद, कम फैट :
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में किए गए शोध के अनुसार एक रात भी पर्याप्त नींद न ले पाना ग्रेलिन के स्तर को बढ़ा सकता है, इससे भूख बढ़ जाती है। हो सकता है कि हर रात आप पूरे सात घंटे की नींद न ले पाएं, लेकिन अगर आप अपनी भूख कम करना चाहते हैं तो पर्याप्त नींद को नजरअंदाज न करें।
* बेवक्त न लगे भूख :
तला भोजन खाने की बजाय कच्चे फल और सब्जियों का सेवन करें। हेल्दी फूड ग्रेलिन को बढ़ने से रोकता है। यह वसा की मात्रा को स्टोर करता है। इससे आपको वक्त-बेवक्त भूख लगने की समस्या नहीं होती और आप फैटी फूड का सेवन करने से बच जाते हैं।
* हार्मोन्स देते हैं मस्तिष्क को संदेश :
जब भी आपको भूख लगती है। आप कुछ खाते हैं और भूख खत्म हो जाती है। इस दौरान शरीर में एक सूचना प्रक्रिया भी चलती है, जिसके बारे में हमें पता नहीं होता।
*धीरे-धीरे करें भोजन :
भोजन का सेवन करने के बाद हमारा शरीर भूखा नहीं रहा, यह बात मस्तिष्क तक पहुंचाने में हार्मोन्स को 20 मिनट का समय लगता है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि भोजन धीरे-धीरे करना चाहिए, हड़बड़ी में कतई नहीं।
दिमाग को शांत रखें। तनाव न सिर्फ इच्छाशक्ति को कमजोर करता है, बल्कि कोर्टिसोल के स्तर को भी बढ़ाता है। इस वजह से भी ज्यादा भूख लगती है।
जब भी बेचैनी हो, तो व्यायाम करें, गहरी सांस लें, संगीत सुने, किसी दोस्त से बात करें। तनाव में ऐसा कोई भी पसंदीदा कार्य करें जो आपका ध्यान खाने से हटा सके।  

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