सर्दियों का लुत्फ अपनी जगह है लेकिन दमा, जुकाम से लेकर गठिया तक के मरीजों के लिए इस मौसम में तकलीफ बढ़ने की कई वजहें हैं। ऐसे में अगर आप इस मौसम में बिल्कुल चुस्त-दुरुस्त रहना चाहते हैं तो इन उपायों से आप इस मौसम में बेहतर बचाव कर पाएंगे।
* पोषण से दूर न रहें :
सर्दियों में बीमारियों से बचने के लिए सबसे पहला कदम है डाइट। यदि डाइट संतुलित और आवश्यकतानुसार होगी तो बीमारियां दूर भागेंगी। सर्दियों की डाइट में विशेषकर ऐसे पदार्थों को शामिल करना चाहिए, जिनमें विटामिन-सी भरपूर मात्रा में हो। विटामिन-सी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होता है। इसके लिए आप डाइट में मौसमी, संतरा, नीबू, शिमला मिर्च ब्रोकली शामिल कर सकते हैं। यदि आप इन्हें कच्चा नहीं खा सकते तो इनका जूस बनाकर सेवन करें।
* एक्सरसाइज नहीं भूलना :
सर्दियों में भी रोगमुक्त रहना है तो एक्सरसाइज से मुंह न मोड़ें। एक शोध के मुताबिक सर्दियों में नियमित व्यायाम का असर लंबे समय तक रहता है और यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बनाए रखता है। व्यायाम आपकी डाइट को भी बनाए रखता है।
व्यायाम करने से आपको भूख ज्यादा लगेगी और भूख ज्यादा लगने से आप ज्यादा खाएंगे। ज्यादा खाने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे, जो संक्रमण से लड़ने में सहायक होंगे। अमेरिका में किए गए एक शोध के दौरान सामने आया कि तेज चाल से चलने वाले लोगों में बीमार होने की प्रवृत्ति में अन्य लोगों की तुलना में 40 प्रतिशत तक कमी आई।
सप्ताह में पांच दिन रोजाना बीस मिनट व्यायाम करने से अन्य दिनों की तुलना में सर्दियों में लोग कम बीमार पड़ते हैं। लेकिन पानी में तैरने जैसे व्यायाम से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर भी बढ़ सकता है।
* साफ-सफाई का ध्यान :
अमेरिका के मेयो क्लीनिक के एक शोध के अनुसार सर्दियों में ज्यादा बैक्टीरिया और वायरस हाथों के माध्यम से ही शरीर के अंदर पहुंचते हैं। बीमारियों को फैलने से रोकने का सबसे अच्छा उपाय है कि छींकने या खांसने के बाद हाथों को एंटीबैक्टीरियल साबुन से अच्छी तरफ साफ करें। खाना खाने से पहले और बाद में अच्छे तरीके से हाथ धोना न भूलें।
* अच्छी नींद :
अच्छी नींद की कमी आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से आप आसानी से सर्दियों में होने वाली बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। ब्राजील में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि कम नींद लेने से हमारे शरीर में सफेद रक्त कोशिकाएं कम हो जाती हैं और शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर होता है।
आप अपना रोजाना सोने का समय निर्धारित करें। हल्का संगीत सुनें, सोने से पहले गर्म पानी से स्नान करें, रात में सोने से पहले कम्प्यूटर का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि यह दिमाग में मेलाटोनिन का स्तर बढ़ा देता है।
* सोशल एक्टिविटी :
सर्दियों में आप आराम करने की बजाय सोशल एक्टिविटी में बिजी रहें तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छा है। यह आपका तनाव तो कम करता ही है साथ ही आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बनाए रखता है। यदि आप सर्दियों में रजाई के लोभ में पड़ गए तो यह सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। सर्दियों में आराम को तवज्जो देने के बजाय काम करते रहें, दोस्तों को रात के खाने पर बुलाएं, घूमें, फिल्म देखने जा सकते हैं या फिर पार्क में भी टहल सकते हैं।
* पोषण से दूर न रहें :
सर्दियों में बीमारियों से बचने के लिए सबसे पहला कदम है डाइट। यदि डाइट संतुलित और आवश्यकतानुसार होगी तो बीमारियां दूर भागेंगी। सर्दियों की डाइट में विशेषकर ऐसे पदार्थों को शामिल करना चाहिए, जिनमें विटामिन-सी भरपूर मात्रा में हो। विटामिन-सी शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार होता है। इसके लिए आप डाइट में मौसमी, संतरा, नीबू, शिमला मिर्च ब्रोकली शामिल कर सकते हैं। यदि आप इन्हें कच्चा नहीं खा सकते तो इनका जूस बनाकर सेवन करें।
* एक्सरसाइज नहीं भूलना :
सर्दियों में भी रोगमुक्त रहना है तो एक्सरसाइज से मुंह न मोड़ें। एक शोध के मुताबिक सर्दियों में नियमित व्यायाम का असर लंबे समय तक रहता है और यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बनाए रखता है। व्यायाम आपकी डाइट को भी बनाए रखता है।
व्यायाम करने से आपको भूख ज्यादा लगेगी और भूख ज्यादा लगने से आप ज्यादा खाएंगे। ज्यादा खाने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलेंगे, जो संक्रमण से लड़ने में सहायक होंगे। अमेरिका में किए गए एक शोध के दौरान सामने आया कि तेज चाल से चलने वाले लोगों में बीमार होने की प्रवृत्ति में अन्य लोगों की तुलना में 40 प्रतिशत तक कमी आई।
सप्ताह में पांच दिन रोजाना बीस मिनट व्यायाम करने से अन्य दिनों की तुलना में सर्दियों में लोग कम बीमार पड़ते हैं। लेकिन पानी में तैरने जैसे व्यायाम से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है और तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर भी बढ़ सकता है।
* साफ-सफाई का ध्यान :
अमेरिका के मेयो क्लीनिक के एक शोध के अनुसार सर्दियों में ज्यादा बैक्टीरिया और वायरस हाथों के माध्यम से ही शरीर के अंदर पहुंचते हैं। बीमारियों को फैलने से रोकने का सबसे अच्छा उपाय है कि छींकने या खांसने के बाद हाथों को एंटीबैक्टीरियल साबुन से अच्छी तरफ साफ करें। खाना खाने से पहले और बाद में अच्छे तरीके से हाथ धोना न भूलें।
* अच्छी नींद :
अच्छी नींद की कमी आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से आप आसानी से सर्दियों में होने वाली बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। ब्राजील में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि कम नींद लेने से हमारे शरीर में सफेद रक्त कोशिकाएं कम हो जाती हैं और शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर होता है।
आप अपना रोजाना सोने का समय निर्धारित करें। हल्का संगीत सुनें, सोने से पहले गर्म पानी से स्नान करें, रात में सोने से पहले कम्प्यूटर का प्रयोग बिल्कुल न करें, क्योंकि यह दिमाग में मेलाटोनिन का स्तर बढ़ा देता है।
* सोशल एक्टिविटी :
सर्दियों में आप आराम करने की बजाय सोशल एक्टिविटी में बिजी रहें तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अच्छा है। यह आपका तनाव तो कम करता ही है साथ ही आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बनाए रखता है। यदि आप सर्दियों में रजाई के लोभ में पड़ गए तो यह सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। सर्दियों में आराम को तवज्जो देने के बजाय काम करते रहें, दोस्तों को रात के खाने पर बुलाएं, घूमें, फिल्म देखने जा सकते हैं या फिर पार्क में भी टहल सकते हैं।
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