शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

सर्दियों में कुछ इस तरह हो नौनिहालों की देखभाल

सर्दी के मौसम में यदि थोड़ी-सी भी लापरवाही बरती गई तो बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। सर्दी में छोटे बच्चों को काफी दिक्कत आती है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि बच्चों के हाथ और पैर बचाकर रखे जाएं तो उन्हें सर्दी से लगने से बचाया जा सकता है। कई लोगों में भ्रम की स्थिति होती है कि बच्चों को रोज न नहलाया जाए लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों को रोज नहलाने से वे बैक्टीरिया से दूर रहेंगे। इसके अलावा उन्हें पानी भी खूब पिलाना चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक इतना पानी पिलाएं ताकि वे कम से कम छह से सात बार टॉयलेट जरूर जाएं। पानी नहीं पिलाने से उनमें डिहाइड्रेशन की दिक्कत हो सकती है।
*नहलाने से पहले मालिश :
बच्चों को रोजाना जरूर नहलाना चाहिए। इससे वे कीटाणु से दूर रहेंगे और सर्दी-जुकाम से भी बचे रहेंगे। सिर, हाथ और पैर ढंक कर रखंे।
1.दो महीने से बड़े बच्चों को हर रोज नहलाएं। यदि बच्चा बीमार है तो उसे एक दिन छोड़कर नहलाएं। जिस दिन नहीं नहला रहे हैं, उस दिन गरम पानी के तौलिए से उसका बदन जरूर पोंछे।
2.डेढ़ साल से छोटे बच्चों को बाथरूम की बजाय कमरे में नहलाएं। बाथरूम का तापमान थोड़ा कम रहता है।
3.नहाने से पहले बच्चों के शरीर में नारियल के तेल से मालिश करना चाहिए। मालिश के 20 मिनट बाद बच्चों को नहलाएं। मालिश के लिए बादाम, जैतून और अन्य तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
2. खाना खाने के तुरंत बाद मालिश नहीं करें। उसके बाद कपड़े पहना दें। फिर नहलाएं। नहाने के लिए गुनगुना पानी होना चाहिए।
*सोते वक्त ज्यादा कपड़े न पहनाएं :
1.बच्चों को कपड़े लेयर में पहनाएं। सिर में टोपी जरूर हों। पैर में ऊनी मोजे और हाथ में दस्ताने।
2.गरम कमरे से सीधे बच्चों को बाहर न ले जाएं। अगर हीटर और ब्लोअर चलाए हुए हैं तो बाहर जाने से 10 मिनट पहले बंद कर दें।
3.बच्चों का बिस्तर गरम होना चाहिए। पतली रजाई या पतला कंबल बिछा सकते हैं।
4.सोते वक्त बच्चों को ज्यादा कपड़े न पहनाएं। इससे रात के वक्त बच्चा बैचेन हो सकता है।
* गरम तरल पदार्थ पिलाते रहें :
1. सर्दियों में छोटे बच्चों में सबसे बड़ी दिक्कत डिहाइड्रेशन की होती है। इसलिए डेढ़ साल से ऊपर के बच्चों को लगातार गुनगुना पानी, गरम दूध, चाय और सूप भी पिलाते रहें।
2. इससे कम उम्र के बच्चों को पानी, मां का दूध पिलाएं और काजू-बादाम पीसकर दें।
3. एक साल से छोटे बच्चों को शहद की बूंदें भी चटा सकते हैं।
4. बच्चों को तला भोजन बिलकुल न दें।
* जल्द से जल्द बाल विशेषज्ञ को दिखाएं :
1. सर्दी-जुकाम होने पर बच्चों को भाप दें। कम से कम तीन बार।
2. तरल पदार्थ उसे जरूर देते रहें। पानी भी गुनगुना दें।
3. बच्चों को जल्द से जल्द बाल विशेषज्ञ को दिखाएं। 

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