सोमवार, 20 जनवरी 2014

कम नींद से होता है ब्रेन टिशु को नुकसान

कई बार ऐसा होता है कि जब हम सुबह सोकर उठते हैं और हमें महसूस होता है जैसे सिर में जोर से चोट लगी हो। वैज्ञानिकों की मानें तो इसके लिए नींद की कमी जिम्मेदार है। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि एक रात भी पूरी नींद नहीं होने पर ब्रेन में ठीक वैसी ही प्रतिक्रिया होती है जैसी सिर में चोट लगने पर होती है।
स्वीडन स्थित 'उपासला यूनिवर्सिटी" के नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि हानिकारक रसायनों की बढ़ती सक्रियता ब्रेन के टिशुज् पर भी बुरा असर डालती है।
*केमिकल रिएक्शन बढ़ जाती है :
शोधकर्ताओं के अनुसार सिर में चोट लगने पर एनएसई" और 'एस-100" नामक रसायन की सक्रियता बढ़ जाती है। नींद में कमी होने पर भी इसी रसायन की सक्रियता बढ़ती है इसलिए दोनों स्थिति में लोगों को एक-सा अनुभव होता है। उन्होंने युवा उम्र के पुरुषों पर निष्कर्ष कर यह निष्कर्ष निकाला है। शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा।
एक समूह को पर्याप्त नींद लेने की छूट दी गई जबकि दूसरे समूह को सोने नहीं दिया गया। इसके बाद दोनों समूहों के मुस्तिष्क की स्कैनिंग की गई। जिन लोगों ने जागकर रात गुजारी थी उनमें 'एनएसई" और 'एस-100बी" रसायन प्रतिक्रिया अधिक थी। हालांकि शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि नींद की कमी से इस रसायन की सक्रियता उतनी नहीं बढ़ती जितनी सिर में चोट लगने की वजह से बढ़ जाती है। मगर फिर भी कुछ हद तक इंसान के मस्तिष्क पर इसका असर देखा जा सकता है। दिनभर सक्रिय रहने के दौरान मस्तिष्क में कुछ जहरीले तत्व जमा हो जाते हैं जिनमें 'एनएसई" और 'एस-100बी" रसायन भी शामिल हैं। सोने के दौरान मस्तिष्क इनकी सफाई करता है ठीक से सो नहीं पाने के कारण इन हानिकारक तत्वों का खात्मा नहीं हो पाता, जो मस्तिष्क के लिए घातक हो सकता है। पूर्व अध्ययनों में यह साबित हुआ है कि नींद में लगातार कमी अल्जाइमर और पार्किंसन्स जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।  

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