प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में विटामिन 'डी" की उचित मात्रा बच्चों की वृद्धि में लाभदायक होती है। हाल ही एक नए शोध में बताया गया है कि गर्भवती महिलाओं द्वारा उचित मात्रा में लिया विटामिन 'डी" बच्चे में उम्र के साथ मसल्स को मजबूत करने में मददगार होता है। जिन माताओं में विटामिन 'डी" की कमी होती है उनके बच्चों के मसल्स कमजोर होते हंै। जिसका असर बचपन से लेकर वयस्क होने तक दिखाई देता है।
यह शोध गर्भावस्था के दौरान विटामिन 'डी" और बच्चों के विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है। ब्रिटेन की साउथैंपटन यूनिवर्सिटी के सीनियर लेक्चरर निकोलस हार्वे ने बताया कि मसल्स स्ट्रेंथ न होने का असर बचपन में तो दिखाई देता ही है बल्कि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज, गिरने के लक्षण और फ्रेक्चरर होने की आशंकाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं। इसके तहत शोधकर्ताओं ने तकरीबन ऐसी 678 गर्भवती महिलाओं का चयन किया, जिनकी गर्भावस्था अंतिम दौर में थी। उनमें विटामिन 'डी" का स्तर मापा गया। इसके बाद देखा गया कि जिन मांओं ने विटामिन 'डी" की भरपूर खुराक ली और जिनमें विटामिन 'डी" का स्तर उचित मात्रा में था। उनके बच्चों में मसल्स स्ट्रेंथ कमजोर होने की आशंका न के बराबर थीं। वहीं दूसरी ओर ऐसी मांएं जिनमें विटामिन 'डी" का स्तर कम था, उनके बच्चों में इस संदर्भ में कई तरह की समस्याएं देखी गईं। यह शोध 'जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रॉइनोलॉजी एंड मेटाबोलिज्म" में प्रकाशित किया गया है। सामान्यत: महिलाओं में विटामिन 'डी" का स्तर कम देखा जाता है। यही वजह है कि उन्हें गर्भावस्था में अतिरिक्त विटामीन डी लेने की सलाह दी जाती है। जिसका असर उनके होने वाले बच्चे पर भी पड़ता है और दोनों ही स्वस्थ रहते हैं।
यह शोध गर्भावस्था के दौरान विटामिन 'डी" और बच्चों के विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया है। ब्रिटेन की साउथैंपटन यूनिवर्सिटी के सीनियर लेक्चरर निकोलस हार्वे ने बताया कि मसल्स स्ट्रेंथ न होने का असर बचपन में तो दिखाई देता ही है बल्कि उम्र के बढ़ने के साथ-साथ डायबिटीज, गिरने के लक्षण और फ्रेक्चरर होने की आशंकाएं ज्यादा बढ़ जाती हैं। इसके तहत शोधकर्ताओं ने तकरीबन ऐसी 678 गर्भवती महिलाओं का चयन किया, जिनकी गर्भावस्था अंतिम दौर में थी। उनमें विटामिन 'डी" का स्तर मापा गया। इसके बाद देखा गया कि जिन मांओं ने विटामिन 'डी" की भरपूर खुराक ली और जिनमें विटामिन 'डी" का स्तर उचित मात्रा में था। उनके बच्चों में मसल्स स्ट्रेंथ कमजोर होने की आशंका न के बराबर थीं। वहीं दूसरी ओर ऐसी मांएं जिनमें विटामिन 'डी" का स्तर कम था, उनके बच्चों में इस संदर्भ में कई तरह की समस्याएं देखी गईं। यह शोध 'जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रॉइनोलॉजी एंड मेटाबोलिज्म" में प्रकाशित किया गया है। सामान्यत: महिलाओं में विटामिन 'डी" का स्तर कम देखा जाता है। यही वजह है कि उन्हें गर्भावस्था में अतिरिक्त विटामीन डी लेने की सलाह दी जाती है। जिसका असर उनके होने वाले बच्चे पर भी पड़ता है और दोनों ही स्वस्थ रहते हैं।
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