संसार में जन्म लेने से लेकर मृत्यु तक इंसान रिश्तों के ताने-बाने के बीच जीता रहता है। इन्हीं में वह खुद से दूसरों के साथ के जुड़ाव को देखता है और रिश्तों की यही बॉन्डिंग उसे सामाजिक जीवन निर्वहन करने में मदद करती है। कोई रिश्ता जहां वह खून के संबंधों के साथ लेकर आता है तो कुछ को उन्हें ढूंढकर निभाना होता। इनमें सबसे अहम रिश्ता होता है विवाह का। हाल ही में विवाह के रिश्ते को लेकर 'मेट्रो डॉट को डॉट यूके" की रिपोर्ट में एक अनूठे शोध के बारे में बताया गया है। इसमें इस बात को खोजने की कोशिश की गई कि वाकई कौन से विवाह संबंध ज्यादा दिनों तक चलते हैं।
क्या कहता है शोध
वर्कप्लेस पर किसी सहकर्मी के साथ की हेल्दी रिलेशनशिप को अक्सर कंपनी और साथी कर्मचारी मजाक के लहजे में लेते हैं, मगर शायद उन्हें यह जानकर आश्चर्य हो कि इस तरह के रिश्ते लंबे समय तक चलने वाले होते हैं। नए शोध में खुलासा हुआ है कि ऐसे रिश्तों के किसी भी दूसरे तरीके से शुरू हुए रिश्तों के मुकाबले शादी के अंजाम तक पहुंचने की संभावना ज्यादा होती है।
किसी नाइट क्लब या अन्य जगहों में शुरू हुए रिश्ते अक्सर प्रेम प्रसंगों या एक रात के बनाए गए संबंधों तक सीमित रह जाते हैं। वहीं दूसरी ओर वर्कप्लेस पर मिलने वाले 14 प्रतिशत लोग शादी तक पहुंचते हैं जबकि दोस्तों के परिचय से मिले हुए 11 प्रतिशत लोग शादी के बंधन में बंधते हैं। साथ ही रिश्तों की यह बॉन्डिंग लंबे समय तक उनके जीवन में हैप्पीनेस देती है।
2000 युवाओं पर किया अध्ययन
यह अध्ययन 2000 ऐसे युवाओं पर किया, जो अपनी लाइफ से बेहद खुश दिखाई दिए। शोधकर्ताओं ने पाया कि 51 प्रतिशत लोगों का मानना है कि किसी से मिलने का स्थान और स्थिति भी रिश्ते की सफलता को प्रभावित करते हैं। इनमें से अधिकांश ने यह माना कि काम के दौरान शुरू हुए रिश्तों के सफल होने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं 23 प्रतिशत का कहना है कि पब या नाइटक्लब से ढूंढे जाने वाले रिश्ते क्षण मात्र के होते हैं, जिनकी कोई शुरुआत ही नहीं होती तो खत्म होने का सवाल ही नहीं उठता। यही वजह है कि 5 में से एक व्यक्ति ने ऐसे रिश्तों को आगे बढ़ाने से मना कर दिया, क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता सताने लगती है कि जीवन को सतही तौर पर देखा या जीया नहीं जा सकता। इसका उनके फ्यूचर पर खासा असर होता है।
इस अध्ययन को सीबीएस नेटवर्क द्वारा पूर्ण किया गया। इसके प्रवक्ता ने बताया कि काम के तनाव और ऑफिस के साथियों के साथ ज्यादा समय बिताने के कारण लोगों में इस तरह की प्रवृत्ति नजर आने लगी है, जो रिश्तों के एक मजबूत बॉन्ड को दर्शाती है।
क्या कहता है शोधवर्कप्लेस पर किसी सहकर्मी के साथ की हेल्दी रिलेशनशिप को अक्सर कंपनी और साथी कर्मचारी मजाक के लहजे में लेते हैं, मगर शायद उन्हें यह जानकर आश्चर्य हो कि इस तरह के रिश्ते लंबे समय तक चलने वाले होते हैं। नए शोध में खुलासा हुआ है कि ऐसे रिश्तों के किसी भी दूसरे तरीके से शुरू हुए रिश्तों के मुकाबले शादी के अंजाम तक पहुंचने की संभावना ज्यादा होती है।
किसी नाइट क्लब या अन्य जगहों में शुरू हुए रिश्ते अक्सर प्रेम प्रसंगों या एक रात के बनाए गए संबंधों तक सीमित रह जाते हैं। वहीं दूसरी ओर वर्कप्लेस पर मिलने वाले 14 प्रतिशत लोग शादी तक पहुंचते हैं जबकि दोस्तों के परिचय से मिले हुए 11 प्रतिशत लोग शादी के बंधन में बंधते हैं। साथ ही रिश्तों की यह बॉन्डिंग लंबे समय तक उनके जीवन में हैप्पीनेस देती है।
2000 युवाओं पर किया अध्ययन
यह अध्ययन 2000 ऐसे युवाओं पर किया, जो अपनी लाइफ से बेहद खुश दिखाई दिए। शोधकर्ताओं ने पाया कि 51 प्रतिशत लोगों का मानना है कि किसी से मिलने का स्थान और स्थिति भी रिश्ते की सफलता को प्रभावित करते हैं। इनमें से अधिकांश ने यह माना कि काम के दौरान शुरू हुए रिश्तों के सफल होने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं 23 प्रतिशत का कहना है कि पब या नाइटक्लब से ढूंढे जाने वाले रिश्ते क्षण मात्र के होते हैं, जिनकी कोई शुरुआत ही नहीं होती तो खत्म होने का सवाल ही नहीं उठता। यही वजह है कि 5 में से एक व्यक्ति ने ऐसे रिश्तों को आगे बढ़ाने से मना कर दिया, क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता सताने लगती है कि जीवन को सतही तौर पर देखा या जीया नहीं जा सकता। इसका उनके फ्यूचर पर खासा असर होता है।
इस अध्ययन को सीबीएस नेटवर्क द्वारा पूर्ण किया गया। इसके प्रवक्ता ने बताया कि काम के तनाव और ऑफिस के साथियों के साथ ज्यादा समय बिताने के कारण लोगों में इस तरह की प्रवृत्ति नजर आने लगी है, जो रिश्तों के एक मजबूत बॉन्ड को दर्शाती है।
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