इसमें कोई शक नहीं है कि आपके पार्टनर को आपके सपोर्ट की जरूरत होती है, और एक अच्छे रिश्ते के लिए तो यह और भी जरूरी है। मगर, एक स्टडी के मुताबिक अगर आप पार्टनर को बहुत ज्यादा सपोर्ट करने लगते हैं या गलत तरीके से सपोर्ट करते हैं तो इसका असर आपके रिश्ते पर भी पड़ सकता है। यदि आप मानते हैं कि पार्टनर को ज्यादा सपोर्ट करने से आपकी मैरिज लाइफ बेहतर होगी तो ये आपकी गलतफहमी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि एक-दूसरे का ज्यादा सपोर्ट करने से कई बार रिश्ते में पर्सनल स्पेस नहीं मिल पाता है, ऐसे में कपल्स के बीच तनाव बढ़ जाता है। कई बार ज्यादा मदद करने से आपके पार्टनर को लगता है कि आप उसकी काबिलियत पर भरोसा नहीं करते हैं।हर वक्त न दें सलाह
हो सकता है कि आप अपने पार्टनर की हेल्प करने के लिए उसे बहुत सारी सलाह दे रहे हों, लेकिन ऐसे में अक्सर ये पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि उसे इन सलाहों की जरूरत है भी या नहीं।
पार्टनर को न समझें माइंड रीडर
कपल्स के एक-दूसरे की ज्यादा हेल्प करने से कई बार लगता है कि उनके पार्टनर उन्हें अच्छी तरह जानते हैं इसलिए वह उनकी जरूरतों को बिना बताए ही जान जाएंगे, लेकिन माइंड रीडर्स का ये रूल हमेशा कारगर नहीं होता है। किसी को अपने पार्टनर से माइंड रीडर होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। वे कपल्स ज्यादा खुश रहते हैं जो अपनी जरूरतें शेयर करते हैं और एक-दूसरे से हेल्प मांगते हैं।
ऐसे बनाइए बैलेंस
सपोर्ट बिल्कुल ना करना या बहुत ज्यादा सपोर्ट करना दोनों ही
स्थितियां सही नहीं मानी जाएंगी। बेहतर होगा कि आप बीच का रास्ता अपनाएं, बेहतर संवाद संतुलन बनाने में मदद करेगी। खुद मदद करने से अच्छा है कि उसे यह अहसास दिलाएं कि आप उसकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं, यदि उसे जरूरत होगी तो आपसे मदद ले लेगा।
विश्वास करना सीखें
अपने पार्टनर की जिम्मेदारियां अपने हाथों में लेना भी एक तरह का सपोर्ट होता है। वहीं अपने पार्टनर का हेल्पिंग हैंड बने बगैर उस पर विश्वास करना भी एक तरह का सहयोग ही माना जाना जाएगा।
रिश्तों की बेहतर समझ।
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