नवरात्र हों या कुछ और अवसर। आप काफी दिनों तक व्रत रखने का विचार पक्का करने से पहले कई चीजों पर गौर कर लीजिए। नौ दिन का फास्ट रखना तो ठीक है लेकिन इसके साथ-साथ सेहत का ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है। खासतौर से व्रत के दौरान खानपान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। विशेषज्ञों की मानें तो जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को व्रत करने से बचना चाहिए।
इंसुलिन ले रहे हैं तो रहें होशियार
लाइफस्टाइल डिजीज में शामिल डायबिटीज के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे रोगियों के लिए व्रत रखना हानिकारक साबित हो सकता है। जो लोग शुगर कंट्रोल के लिए इंसुलिन ले रहे हैं तो वे फास्ट से दूर ही रहें और दवा लेने वाले जरूरी एहतियात बरतें। उन्हें फल और अन्य फलाहार लेते समय कैलोरी लेवल का बहुत ख्याल रखना होगा। गर्भवती महिलाओं, टीबी, एनीमिया और लंबे समय से बीमार लोगों को व्रत नहीं करना चाहिए।
संतुलन बनाकर रखें
फास्ट के दौरान नमक और अनाज लेने की मनाही होती है इसलिए लोग फल, सब्जियां, दूध, दही सहित अन्य चीजों को बराबर लेते रहें। दिन में तीन बार संतुलित डाइट के साथ पेय पदार्थ भी लेते रहने से कमजोरी नहीं होती। व्रत करने वाले लोगों को अत्यधिक मात्रा में कैलोरी लेने से बचना चाहिए, साथ ही तली चीजों से भी। जैसे आलू को उबालकर और मखाने को रोस्ट करके खाना चाहिए।
खाली अर्ली मॉर्निंग वॉक या वर्कआउट से बचें
जो लोग रेग्युलर एक्सरसाइज करते हैं उन्हें फास्ट के दौरान खाली पेट अर्ली मॉर्निंग वॉक या वर्कआउट से बचना होगा। इससे कमजोरी फील हो सकती है। इससे बचने के लिए हल्की कैलोरी ले सकते हैं। जिन चीजों से परहेज है, उन्हें बिल्कुल प्रिफर न करें। जिम संचालक की मानें तो फास्ट के दौरान दोनों टाइम के बजाय केवल मॉर्निंग में ही एक्सरसाइज करें तो ठीक रहेगा, क्योंकि शाम को लोगों का एनर्जी लेवल काफी कम हो जाता है और एक्सरसाइज करने से उन्हें वीकनेस फील हो सकती है। अगर फास्ट रखा है, तो जिम में जाने के बाद ट्रेनर को इसकी जानकारी जरूर दें।
इस पर ध्यान दें
इंसुलिन ले रहे हैं तो रहें होशियार
लाइफस्टाइल डिजीज में शामिल डायबिटीज के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे रोगियों के लिए व्रत रखना हानिकारक साबित हो सकता है। जो लोग शुगर कंट्रोल के लिए इंसुलिन ले रहे हैं तो वे फास्ट से दूर ही रहें और दवा लेने वाले जरूरी एहतियात बरतें। उन्हें फल और अन्य फलाहार लेते समय कैलोरी लेवल का बहुत ख्याल रखना होगा। गर्भवती महिलाओं, टीबी, एनीमिया और लंबे समय से बीमार लोगों को व्रत नहीं करना चाहिए।संतुलन बनाकर रखें
फास्ट के दौरान नमक और अनाज लेने की मनाही होती है इसलिए लोग फल, सब्जियां, दूध, दही सहित अन्य चीजों को बराबर लेते रहें। दिन में तीन बार संतुलित डाइट के साथ पेय पदार्थ भी लेते रहने से कमजोरी नहीं होती। व्रत करने वाले लोगों को अत्यधिक मात्रा में कैलोरी लेने से बचना चाहिए, साथ ही तली चीजों से भी। जैसे आलू को उबालकर और मखाने को रोस्ट करके खाना चाहिए।
खाली अर्ली मॉर्निंग वॉक या वर्कआउट से बचें
जो लोग रेग्युलर एक्सरसाइज करते हैं उन्हें फास्ट के दौरान खाली पेट अर्ली मॉर्निंग वॉक या वर्कआउट से बचना होगा। इससे कमजोरी फील हो सकती है। इससे बचने के लिए हल्की कैलोरी ले सकते हैं। जिन चीजों से परहेज है, उन्हें बिल्कुल प्रिफर न करें। जिम संचालक की मानें तो फास्ट के दौरान दोनों टाइम के बजाय केवल मॉर्निंग में ही एक्सरसाइज करें तो ठीक रहेगा, क्योंकि शाम को लोगों का एनर्जी लेवल काफी कम हो जाता है और एक्सरसाइज करने से उन्हें वीकनेस फील हो सकती है। अगर फास्ट रखा है, तो जिम में जाने के बाद ट्रेनर को इसकी जानकारी जरूर दें।
इस पर ध्यान दें
- नाश्ता जरूर लें वरना खाली पेट गैस बन सकती है। जैसे मखाने को तेल में तलने के बजाय रोस्ट करके खाएं। केला भी ले सकते हैं।
- लंच में सिंघाड़े के आटे की पूड़ी खाने के बजाय रोटी या पराठा लें। आलू को तवे पर सेक सकते हैं। सलाद में खीरा और टमाटर उपयोग करें।
- फास्ट में सादा पानी पीने से अच्छा है कि दूध, लस्सी, फ्रूट जूस लेते रहें।
- मिठाई में फैट और कैलोरी दोनों ज्यादा होती है इसलिए दिनभर में एक पीस से अधिक न लें।
- समई के चावल (मोरधन) ले सकते हैं, इसमें कैलोरी कम होती है और इसे बेहतर फाइबरस माना गया है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें