अगर आपका ब्लड ग्रुप 'ए" है तो आप गंजेपन के श्ािकार हो सकते हैं। यह थोड़ा अटपटा जरूर लग सकता है, लेकिन है सोलह आने सच। श्ाोध के अनुसार एलोप्शिया यानी गंजापन केवल जीन्स के कारण्ा नहीं होता, बल्कि इस पर ब्लड ग्रुप 'ए" का भी जबरदस्त असर रहता है।
*अप्रैल के अंत तक आएंगे परिणाम :
टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) के चर्म रोग विश्ोषज्ञ डॉ.आरपी ठाकुर के श्ाोध में यह सचाई सामने आई है। उन्होंने अब तक 'ए" ब्लड ग्रुप वाले 103 लोगों पर श्ाोध किया है। श्ाोध का अंतिम परिण्ााम अप्रैल माह के अंत तक सामने आएगा। फिलहाल इसका निष्कर्ष इस ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों के लिए चिंता का विषय है।
*2007 से 2012 तक किया अध्ययन :
डॉ. आरपी ठाकुर ने बताया कि अब तक के श्ाोध में जो बातें सामने आई हैं उनमें सबसे ज्यादा गंजेपन के श्ािकार 'ए"-ब्लड ग्रुप के ही लोग पाए गए हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के प्लास्टिक सर्जन डॉ. तेजिंदर भट्टी द्वारा किए गए श्ाोध को भी सामने रखा। अलग-अलग ब्लड ग्रुप पर किए गए श्ाोध के परिण्ााम बताते हैं कि 'ए" पॉजीटिव ब्लड ग्रुप के पुरुषों में अन्य ब्लड ग्रुप वालों की अपेक्षा गंजेपन की समस्या अधिक होती है। यह स्टडी वर्ष 2007 से 2012 तक की गई। इसमें बताया गया है कि 'ए" पॉजीटिव ब्लड ग्रुप के लोगों में विटामिन 'बी" खासतौर पर बी-7 (बायोटिन) आत्मसात करने की क्षमता कम होती है, जिसके कारण्ा बालों की मोटाई कम होती जाती है। एक व्यक्ति के लिए पांच एमजी बायोटिन रोजाना लेना जरूरी होता है। 80 फीसद केसों में गंजापन पैदा करने वाले जीन्स मां से श्ारीर में आते हैं। अगर नाना या मामा गंजे हैं, तो 80 फीसद गंजे होने के आसार हैं। मां खुद इस गंजेपन का श्ािकार नहीं होती है। सिर के आगे के हिस्से में एमपीबी जीन्स जड़ों को प्रभावित करते हैं। डॉ. आरपी ठाकुर ने बताया कि श्ाोध के बाद पता चला कि दो हजार लोगों में 995 यानी 49.7 फीसद पुरुष 'ए" पॉजीटिव ब्लड ग्रुप के थे।
*अप्रैल के अंत तक आएंगे परिणाम :
टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) के चर्म रोग विश्ोषज्ञ डॉ.आरपी ठाकुर के श्ाोध में यह सचाई सामने आई है। उन्होंने अब तक 'ए" ब्लड ग्रुप वाले 103 लोगों पर श्ाोध किया है। श्ाोध का अंतिम परिण्ााम अप्रैल माह के अंत तक सामने आएगा। फिलहाल इसका निष्कर्ष इस ब्लड ग्रुप वाले व्यक्तियों के लिए चिंता का विषय है।
*2007 से 2012 तक किया अध्ययन :
डॉ. आरपी ठाकुर ने बताया कि अब तक के श्ाोध में जो बातें सामने आई हैं उनमें सबसे ज्यादा गंजेपन के श्ािकार 'ए"-ब्लड ग्रुप के ही लोग पाए गए हैं। उन्होंने चंडीगढ़ के प्लास्टिक सर्जन डॉ. तेजिंदर भट्टी द्वारा किए गए श्ाोध को भी सामने रखा। अलग-अलग ब्लड ग्रुप पर किए गए श्ाोध के परिण्ााम बताते हैं कि 'ए" पॉजीटिव ब्लड ग्रुप के पुरुषों में अन्य ब्लड ग्रुप वालों की अपेक्षा गंजेपन की समस्या अधिक होती है। यह स्टडी वर्ष 2007 से 2012 तक की गई। इसमें बताया गया है कि 'ए" पॉजीटिव ब्लड ग्रुप के लोगों में विटामिन 'बी" खासतौर पर बी-7 (बायोटिन) आत्मसात करने की क्षमता कम होती है, जिसके कारण्ा बालों की मोटाई कम होती जाती है। एक व्यक्ति के लिए पांच एमजी बायोटिन रोजाना लेना जरूरी होता है। 80 फीसद केसों में गंजापन पैदा करने वाले जीन्स मां से श्ारीर में आते हैं। अगर नाना या मामा गंजे हैं, तो 80 फीसद गंजे होने के आसार हैं। मां खुद इस गंजेपन का श्ािकार नहीं होती है। सिर के आगे के हिस्से में एमपीबी जीन्स जड़ों को प्रभावित करते हैं। डॉ. आरपी ठाकुर ने बताया कि श्ाोध के बाद पता चला कि दो हजार लोगों में 995 यानी 49.7 फीसद पुरुष 'ए" पॉजीटिव ब्लड ग्रुप के थे।
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