बातचीत के दौरान व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज भी बहुत मायने रखती है। इससे आप बिना कहे भी बहुत कुछ कह जाते हैं। वैसे खुद को प्रेजेंट करते समय बॉडी लैंग्वेज का काफी महत्व होता है। बॉडी लैंग्वेज से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं, जो बड़े काम की हो सकती हैं-
*हाथ और पैरों को क्रॉस करके न बैठें : बैठते समय खासतौर पर किसी इंटरव्यू के समय ध्यान रखें कि हाथों और पैरों को क्रॉस न करें। इससे आपके डिफेंसिव होने का संकेत मिलता है।
* आई कॉन्टेक्ट बनाकर बात करें: बातचीत में इधर-उधर न देखते हुए सीधे सामने वाले व्यक्ति की आंखों में आंखें डालकर बात करें। इससे आपके आत्मविश्वास का पता चलता है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि आप लगातार घूरें और सामने वाले के लिए असहजता की स्थिति हो जाए।
* कंधों को आगे उचकाते हुए बात नहीं : ऐसा करने से पता चलता है कि आप तनाव में हैं। कंधों को पीछे की तरफ रखते हुए रिलेक्स होकर बात करें या इंटरव्यू फेस करें।
* सिर हिलाकर हामी भरें :
सुनने के क्रम के दौरान यह अहसास दिलाने के लिए कि आप उसकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं, समय-समय पर सिर हिलाकर स्वीकृति या हामी का संकेत देते रहें लेकिन सिर हिलाने की अति नहीं होनी चाहिए।
*अधलेटी अवस्था में नहीं बैठें :
किसी से बातचीत करते हुए सीधे होकर रिलेक्स मुद्रा में बैठें।
*मुस्कान और हंसी : बातचीत के दौरान मजाक या हंसी की बात पर हल्की मुस्कान आपके चेहरे पर होने से आपके मैत्रीपूर्ण रवैये की झलक सामने वाले व्यक्ति को मिलती है।
* चेहरे पर बार-बार हाथ नहीं : इससे आपकी नर्वसनेस का पता चलता है और सामने वाले व्यक्ति का ध्यान भी बंटता है।
* अपने एक्शंस में धीमापन लाएं : चाल में धीमापन लाने से आप खुद को ज्यादा आश्वस्त महसूस कर सकते हैं।
* बैठे-बैठे हाथ-पैर न हिलाएं : इससे आपकी नर्वसनेस का पता चलता है। अपने शरीर के मूवमेंट्स पर नियंत्रण रखें।
*हाथ और पैरों को क्रॉस करके न बैठें : बैठते समय खासतौर पर किसी इंटरव्यू के समय ध्यान रखें कि हाथों और पैरों को क्रॉस न करें। इससे आपके डिफेंसिव होने का संकेत मिलता है।
* आई कॉन्टेक्ट बनाकर बात करें: बातचीत में इधर-उधर न देखते हुए सीधे सामने वाले व्यक्ति की आंखों में आंखें डालकर बात करें। इससे आपके आत्मविश्वास का पता चलता है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं कि आप लगातार घूरें और सामने वाले के लिए असहजता की स्थिति हो जाए।
* कंधों को आगे उचकाते हुए बात नहीं : ऐसा करने से पता चलता है कि आप तनाव में हैं। कंधों को पीछे की तरफ रखते हुए रिलेक्स होकर बात करें या इंटरव्यू फेस करें।
* सिर हिलाकर हामी भरें :
सुनने के क्रम के दौरान यह अहसास दिलाने के लिए कि आप उसकी बातों को ध्यान से सुन रहे हैं, समय-समय पर सिर हिलाकर स्वीकृति या हामी का संकेत देते रहें लेकिन सिर हिलाने की अति नहीं होनी चाहिए।
*अधलेटी अवस्था में नहीं बैठें :
किसी से बातचीत करते हुए सीधे होकर रिलेक्स मुद्रा में बैठें।
*मुस्कान और हंसी : बातचीत के दौरान मजाक या हंसी की बात पर हल्की मुस्कान आपके चेहरे पर होने से आपके मैत्रीपूर्ण रवैये की झलक सामने वाले व्यक्ति को मिलती है।
* चेहरे पर बार-बार हाथ नहीं : इससे आपकी नर्वसनेस का पता चलता है और सामने वाले व्यक्ति का ध्यान भी बंटता है।
* अपने एक्शंस में धीमापन लाएं : चाल में धीमापन लाने से आप खुद को ज्यादा आश्वस्त महसूस कर सकते हैं।
* बैठे-बैठे हाथ-पैर न हिलाएं : इससे आपकी नर्वसनेस का पता चलता है। अपने शरीर के मूवमेंट्स पर नियंत्रण रखें।
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