गले में खराश या दर्द का सीधा कनेक्शन सर्दी से हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास भागने से बेहतर होगा कुछ आसान उपाय अपनाएं।
*नमक के पानी से गरारे :
दुनियाभर में किए गए कई शोध और अध्ययन यह बात साबित कर चुके हैं कि गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले में दर्द और सूजन से राहत मिलती है। डॉक्टर भी अक्सर इस समस्या में यही सलाह देते हैं।
* कफ सिरप भी देता है आराम :
बेशक आपको खांसी की समस्या न हो, लेकिन गले में दर्द या खराश होने पर भी कफ सिरप काफी असरकारक होते हैं। यह ध्यान रखें कि दफ्तर जाते समय या दिन के समय इस उपाय को न आजमाएं, क्योंकि कफ सिरप के सेवन से आराम मिलने के साथ-साथ नींद भी आने लगती है। अगर आयुर्वेदिक कफ सिरप ले तो वह ऐसे दोष से मुक्त होते हैं।
* पेय पदार्थ जरूरी हैं :
जानकार मानते हैं कि इस समस्या के दौरान यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न हो। पानी की पर्याप्त मात्रा होने से म्यूकस मेम्ब्रेन में नमी बनी रहती है, जो इसे बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम बनाती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के अलावा, फलों का जूस या सूप का सेवन भी किया जा सकता है। इसके साथ ही हर्बल-टी का सेवन भी कारगर हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट दवा की तरह काम करते हैं और गले को जल्द राहत पहुंचाते हैं।
* मुंह सूखने न दें :
गले में इंफेक्शन के दौरान कुछ भी खाना-पीना मुश्किल होता है। ऐसे में जिंजर फ्लेवर वाली मेडिकेटेड गोलियां चूसना भी फायदेमंद होता है। इससे आपके मुंह में सलाइवा बनता रहता है, जो गले को आराम देता है। अदरक या आंवले का टुकड़ा मुंह में रख कर चूसने से भी राहत मिलती है।
*नमक के पानी से गरारे :
दुनियाभर में किए गए कई शोध और अध्ययन यह बात साबित कर चुके हैं कि गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले में दर्द और सूजन से राहत मिलती है। डॉक्टर भी अक्सर इस समस्या में यही सलाह देते हैं।
* कफ सिरप भी देता है आराम :
बेशक आपको खांसी की समस्या न हो, लेकिन गले में दर्द या खराश होने पर भी कफ सिरप काफी असरकारक होते हैं। यह ध्यान रखें कि दफ्तर जाते समय या दिन के समय इस उपाय को न आजमाएं, क्योंकि कफ सिरप के सेवन से आराम मिलने के साथ-साथ नींद भी आने लगती है। अगर आयुर्वेदिक कफ सिरप ले तो वह ऐसे दोष से मुक्त होते हैं।
* पेय पदार्थ जरूरी हैं :
जानकार मानते हैं कि इस समस्या के दौरान यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न हो। पानी की पर्याप्त मात्रा होने से म्यूकस मेम्ब्रेन में नमी बनी रहती है, जो इसे बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम बनाती है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के अलावा, फलों का जूस या सूप का सेवन भी किया जा सकता है। इसके साथ ही हर्बल-टी का सेवन भी कारगर हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट दवा की तरह काम करते हैं और गले को जल्द राहत पहुंचाते हैं।
* मुंह सूखने न दें :
गले में इंफेक्शन के दौरान कुछ भी खाना-पीना मुश्किल होता है। ऐसे में जिंजर फ्लेवर वाली मेडिकेटेड गोलियां चूसना भी फायदेमंद होता है। इससे आपके मुंह में सलाइवा बनता रहता है, जो गले को आराम देता है। अदरक या आंवले का टुकड़ा मुंह में रख कर चूसने से भी राहत मिलती है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें