मंगलवार, 7 जनवरी 2014

स्तन कैंसर को मस्तिष्क तक फैलाने वाले प्रोटीन की पहचान

स्तन कैंसर के मस्तिष्क तक फैलाने वाले मुख्य कारक का पता लगाने में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। एक कैंसर रिसर्च टीम ने उस प्रोटीन की पहचान की है जो स्तन कैंसर को मस्तिष्क तक फैलाने की मुख्य वजह हो सकता है।  विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी के मेडिसन विभाग के श्ाोधकर्ताओं को सेल मॉडल के इस्तेमाल से पता चला कि कैंसर की कोश्ािकाओं को अल्फाबी-क्रिस्टिलिन नाम का प्रोटीन प्रभावित करता है। क्लीनिकल कैंसर रिसर्च जर्नल में प्रकाश्ाित श्ाोध के अनुसार, यह प्रोटीन उन कोश्ािकाओं को ईंडोथ्ाीलियल सेल्स में जमे रहने में मदद करती है जहां से मस्तिष्क की पतली रक्त वाहिकाएं जुड़ी होती हैं। इसके अलावा यह प्रोटीन ब्लड ब्रेन बैरियर के माध्यम से स्तन कैंसर कोश्ािकाओं के मस्तिष्क में प्रवेश्ा को बढ़ाता है। आमतौर पर यह बैरियर कोश्ािकाओं और अन्य कण्ाों के मस्तिष्क में प्रवेश्ा पर रोक लगाता है। श्ाोधकर्ताओं ने बताया कि एक बार मस्तिष्क में जब स्तन कैंसर कोश्ािकाएं मेटास्टेसिस बनाने में सक्षम हो जाती हैं तो कैंसर एक अंग से दूसरे अंग में फैलने लगता है। उन्होंने बताया कि मस्तिष्क तक कैंसर के फैलने का पता अक्सर नहीं लग पाता, जब तक कि रोगियों में इसके गंभीर लक्षण्ा नहीं दिखते हैं। यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर विंसेंट क्रिंस ने कहा कि स्तन कैंसर के उपचार में हमारी यह उपलब्धि सहायक साबित हो सकती है। हालांकि इसके लिए अभी और श्ाोध की जरूरत है।
 

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