बुधवार, 1 जनवरी 2014

घुटने का दर्द! सर्जरी नहीं समाधान

घुटने का दर्द उम्र के साथ अमूमन हर व्यक्ति के साथ जुड़ता चला जाता है। बस फर्क इतना है कि किसी में यह दर्द कम होता है तो किसी में ज्यादा। इसका संबंध व्यक्ति के शरीर के आकार-प्रकार और वजन पर भी निर्भर करता है। आज के तकनीकी जीवन में कई लोग इस दर्द से मुक्त होने के लिए घुटनों की सर्जरी कराते हैं। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि यह सर्जरी वाकई इस बीमारी से बाहर आने का अचूक उपाय है? तो फिर इस मामले में आपकी ज्यादा मदद करेगी हाल ही के एक अध्ययन से सामने आई रिपोर्ट। जिसमें कहा गया है कि अनावश्यक सर्जरी की अपेक्षा फिजियोथैरेपी घुटने के दर्द के इलाज में ज्यादा कारगर हो सकती है।
आर्थोस्कोपिक सर्जरी आम बात है, लेकिन फिनलैंड में कराए गए अध्ययन की मानें तो हजारों लोग अनावश्यक रूप से सर्जरी कराते हैं। अध्ययन के अनुसार इस सर्जरी की संख्या कम होनी चाहिए तथा फिजियोथैरेपी इस रोग के निदान का अच्छा विकल्प है।
*80 फीसद मामलों में कारगर नहीं :
हालांकि फिनलैंड के शोध में सर्जरी को कुछ मामलों में कारगर माना गया है, लेकिन यह कम उम्र के रोगियों पर ही किया जाना चाहिए है। शोध में कहा गया है कि 80 फीसद मामलों में सर्जरी उतनी कारगर साबित नहीं होती।
*5 अस्पतालों के 146 मरीज  :
अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्थोपेडिक सर्जन डेविड जेवसेवर ने कहा कि यह जाना-माना अध्ययन है। यह कई शोध को विश्वसनीयता देता है, जिसने यह दिखाया है कि मरीजों पर आर्थोस्कोपी हमेशा बेहतर साबित नहीं रहती। इस अध्ययन के लिए पांच अस्पताल और 35 से 45 साल के 146 मरीजों को शामिल किया गया।
जब मरीजों का परीक्षण किया गया तो दर्द के बावजूद कई मरीज लगातार स्वस्थ नजर आए मगर जिन मरीजों ने सर्जरी का सहारा लेते हुए दर्द से मुक्ति का उपाय चाहा, उनके जीवन से दर्द हटने के बजाए और अधिक बढ़ गया।  

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